फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Gayatri Prasad Prajapati and Three Accused Sentenced To Life Imprisonment in Chitrakoot Minor Gang Rape Case

UP News: सपा सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति समेत तीन को आजीवन कारावास, दो लाख का जुर्माना भी लगाया

Sat, 13 Nov 2021 12:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 13 Nov 2021 12:25 PM IST
सार

बलात्कार मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के अलावा अशोक तिवारी व आशीष शुक्ला को आजीवन कारावास और दो लाख का जुर्माना। तीनों को धारा 376 डी एवं 5जी/6 पास्को एक्ट में दोषी करार दिया गया है।

विज्ञापन
Gayatri Prasad Prajapati and Three Accused Sentenced To Life Imprisonment in Chitrakoot Minor Gang Rape Case
गायत्री प्रजापति। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की अब बाकी की जिंदगी जेल में कटेगी। चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी नाबालिग बेटी से अश्लील हरकत के दोषी गायत्री और उसके दो सहयोगियों आशीष शुक्ला व अशोक तिवारी को शुक्रवार को आजीवन कारवास की सजा सुनाई गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सजा सुनाने के साथ तीनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की पूरी रकम नाबालिग पीड़िता के पुनर्वास के लिए दिया जाएगा।
विज्ञापन


गायत्री व उसके दोनों सहयोगियों को 10 नवंबर को दोषी ठहराया गया था। सजा सुनाने के लिए तीनों को शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट ले जाया गया। दोषियों ने कोर्ट से कम से कम सजा देने की गुजारिश की। वहीं, सरकारी वकील एसएन राय और रमेश शुक्ल ने आजीवन कारावास की मांग की। कोर्ट ने 72 पन्नों में फैसला सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का तात्पर्य है कि तीनों दोषियों को अपना बाकी का जीवन जेल में ही गुजारना होगा।
विज्ञापन


एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ  गैंगरेप व लैंगिक अपराधों से पाक्सो एक्ट में लगाए गए अपराध पूर्ण रूप से सिद्ध होते हैं। दोषियों द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रकृति का है, जिसका समाज पर व्यापक असर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खनन के पट्टे दिलाने के नाम पर शोषण

पीड़िता ने 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार खनन का कार्य दिलाने के लिए दोषियों ने महिला को लखनऊ बुलाया। कई जगहों पर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसकी नाबालिग बेटी से भी अश्लील हरकतें की गईं।

कोर्ट ने नाबालिग पीड़िता की मां के आचरण पर उठाए सवाल
विशेष न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि वैसे तो सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में दोषी पर लगाए जाने वाले अर्थदंड की धनराशि को चिकित्सीय खर्चे और पुनर्वास के लिए पीड़िता को भुगतान किए जाने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में पीड़िता (मां)/ वादिनी का आचरण सुनवाई के दौरान ऐसा नहीं रहा है कि उसे किसी प्रकार के जुर्माने या प्रतिकर का भुगतान किया जाए।

जहां तक द्वितीय पीड़िता और वादिनी की नाबालिग (बेटी)का प्रश्न है, उसने भी अभियोजन को सहयोग नहीं किया और वह भी पक्षद्रोही हुई है, लेकिन माना जा सकता है कि उसने उपरोक्त कृत्य अपनी मां के दबाव में किया है। इसका उल्लेख निर्णय में भी किया गया है। इस मामले में नाबालिग वास्तव में पीड़ित है, जिसको पुनर्वास की आवश्यकता है। लिहाजा अर्थदंड की सारी धनराशि 6 लाख रुपये का भुगतान उसे ही किया जाएगा। कोर्ट ने अपने आदेश के अनुपालन के लिए निर्णय की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट लखनऊ को भेज दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed