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Lucknow News: एलडीए वीसी के सामने दी खुदकुशी की धमकी
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एलडीए की जनता अदालत में आत्महत्या करने की धमकी देने वाले पिता व पुत्र।
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लखनऊ। गलत तरीके से निर्माण तोड़े जाने की शिकायत लेकर शुक्रवार दोपहर एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे पिता-पुत्र ने वीसी के सामने आत्महत्या करने की धमकी दे दी। इससे हड़कंप मच गया। दोनों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने माफी मांगने पर इन्हें छोड़ा।
एक बजे के करीब चांदगंज के भिंडिया टोला निवासी निरंजन लाल बेटे गौरव अग्रवाल के साथ पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मकान एक महीने पहले गलत तरह से तोड़ा गया और कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है। अधिकारियों ने इस पर आपत्ति की तो गौरव ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के सामने कहा कि दोनों यहीं पर आत्महत्या कर लेंगे। गोमतीनगर पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। माफी मांगने के बाद इन्हें छोड़ा गया। हंगामे के बाद वीसी ने एक टीम को फिर से मौके पर जांच के लिए भेजा।
प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रकरण की दोबारा जांच के लिए सचिव विवेक श्रीवास्तव व जोन-चार की जोनल अधिकारी संगीता राघव की कमेटी को भेजा गया। जांच में निष्कर्ष निकला कि निरंजन लाल अग्रवाल ने पूर्व में भवन संख्या-531/156 के खसरा संख्या-447 में बनने की बात कहते हुए अर्जन मुक्त किए जाने का बार-बार अनुरोध किया था, जबकि वे अदालत से केस हार गए थे। इसके बाद भी उनकी ओर से भवन संख्या-531/156 के खसरा संख्या-448 में निर्मित होने का झूठा प्रार्थना पत्र देते हुए अनुरोध किया जा रहा है, जो तथ्य विहीन है। 22 वर्ष से प्लॉट पर कब्जे के लिए भटक रहा आवंटी
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जनता आदलत में संजय केसरवानी ने आरोप लगाया कि 22 वर्ष से अपने प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए एलडीए के चक्कर काट रहे हैं। कई बार जनता अदालत में आ चुके हैं, पर कुछ नहीं हो रहा। हर बार टरकाया जा रहा है।
बसंतकुंज योजना के पीएम आवास आवंटी जीतेंद्र कुमार ने कहा, उन्हें जो आवास आवंटित हुआ है उसके सामने तीन कब्रें बनी हैं। इन्हें हटवाने के लिए दो साल से चक्कर काट रहे हैं। जनता अदालत में आए कुल 38 मामलों में से 11 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
जनता अदालत में यूपी दर्शन पार्क के कर्मचारी भी पहुंचे। शशिकांत ने बताया कि टिकट काउंटर पर काम करते थे। 11 अगस्त को उन्हें व 13 कर्मचारियों को बिना किसी सूचना के निकाल दिया गया और पांच महीने का वेतन भी नहीं दिया गया। जब बकाया वेतन मांगा तो धमकी दी गई। नौकरी के समय पीएफ कटौती का वादा भी किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता अजीत कुमार को जांच के निर्देश दिए।
ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि पटेलपुरम, गोमतीनगर विस्तार में एसटीपी निर्माण के लिए एलडीए जमीन नहीं दे रहा है। ऐसा तब है जब शासन काफी पहले बजट जारी कर चुका है।
बचे मामलों की नहीं दी जानकारी
बीते माह की जनता अदालत में 55 मामले आए थे। इनमें से 27 निस्तारित हुए थे। बाकी मामलों का क्या हुआ इसकी जानकारी एलडीए की ओर से जारी नहीं की गई।
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ये मामले भी आए
0 नागरिक सेवा समिति की अध्यक्ष अंजू ने कहा कि एलडीए नेहरू एंक्लेव की बाउंड्रीवाल नहीं बना रहा है। अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं।
0 मोहारी कला से आईं कंचन यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके प्लॉट की बाउंड्री एलडीए ने बिना सूचना ही तोड़ दी। पता चला कि उसकी जमीन को एलडीए आईटी सिटी योजना में ले रहा है।
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एक बजे के करीब चांदगंज के भिंडिया टोला निवासी निरंजन लाल बेटे गौरव अग्रवाल के साथ पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मकान एक महीने पहले गलत तरह से तोड़ा गया और कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है। अधिकारियों ने इस पर आपत्ति की तो गौरव ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के सामने कहा कि दोनों यहीं पर आत्महत्या कर लेंगे। गोमतीनगर पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों को हिरासत में लिया गया। माफी मांगने के बाद इन्हें छोड़ा गया। हंगामे के बाद वीसी ने एक टीम को फिर से मौके पर जांच के लिए भेजा।
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प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रकरण की दोबारा जांच के लिए सचिव विवेक श्रीवास्तव व जोन-चार की जोनल अधिकारी संगीता राघव की कमेटी को भेजा गया। जांच में निष्कर्ष निकला कि निरंजन लाल अग्रवाल ने पूर्व में भवन संख्या-531/156 के खसरा संख्या-447 में बनने की बात कहते हुए अर्जन मुक्त किए जाने का बार-बार अनुरोध किया था, जबकि वे अदालत से केस हार गए थे। इसके बाद भी उनकी ओर से भवन संख्या-531/156 के खसरा संख्या-448 में निर्मित होने का झूठा प्रार्थना पत्र देते हुए अनुरोध किया जा रहा है, जो तथ्य विहीन है। 22 वर्ष से प्लॉट पर कब्जे के लिए भटक रहा आवंटी
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जनता आदलत में संजय केसरवानी ने आरोप लगाया कि 22 वर्ष से अपने प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए एलडीए के चक्कर काट रहे हैं। कई बार जनता अदालत में आ चुके हैं, पर कुछ नहीं हो रहा। हर बार टरकाया जा रहा है।
बसंतकुंज योजना के पीएम आवास आवंटी जीतेंद्र कुमार ने कहा, उन्हें जो आवास आवंटित हुआ है उसके सामने तीन कब्रें बनी हैं। इन्हें हटवाने के लिए दो साल से चक्कर काट रहे हैं। जनता अदालत में आए कुल 38 मामलों में से 11 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
जनता अदालत में यूपी दर्शन पार्क के कर्मचारी भी पहुंचे। शशिकांत ने बताया कि टिकट काउंटर पर काम करते थे। 11 अगस्त को उन्हें व 13 कर्मचारियों को बिना किसी सूचना के निकाल दिया गया और पांच महीने का वेतन भी नहीं दिया गया। जब बकाया वेतन मांगा तो धमकी दी गई। नौकरी के समय पीएफ कटौती का वादा भी किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता अजीत कुमार को जांच के निर्देश दिए।
ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि पटेलपुरम, गोमतीनगर विस्तार में एसटीपी निर्माण के लिए एलडीए जमीन नहीं दे रहा है। ऐसा तब है जब शासन काफी पहले बजट जारी कर चुका है।
बचे मामलों की नहीं दी जानकारी
बीते माह की जनता अदालत में 55 मामले आए थे। इनमें से 27 निस्तारित हुए थे। बाकी मामलों का क्या हुआ इसकी जानकारी एलडीए की ओर से जारी नहीं की गई।
ये मामले भी आए
0 नागरिक सेवा समिति की अध्यक्ष अंजू ने कहा कि एलडीए नेहरू एंक्लेव की बाउंड्रीवाल नहीं बना रहा है। अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं।
0 मोहारी कला से आईं कंचन यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके प्लॉट की बाउंड्री एलडीए ने बिना सूचना ही तोड़ दी। पता चला कि उसकी जमीन को एलडीए आईटी सिटी योजना में ले रहा है।

एलडीए की जनता अदालत में आत्महत्या करने की धमकी देने वाले पिता व पुत्र।