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कोरोना से जंग: गांवों में कोविड जांच अभियान चलने से थमी संक्रमण की चेन
Wed, 02 Jun 2021 12:08 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमरउजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमरउजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 02 Jun 2021 12:08 AM IST
सार
पंचायत चुनाव के बाद यूपी के गांवों में कोरोना के हालात ने जो तबाही मचाई थी उसे काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अब सुधरते हुए नजर आ रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोविड जांच का दायरा बढ़ाए जाने के बाद संक्रमण की दर में लगातार कमी आ रही है। अप्रैल में कोरोना संक्रमण की दर में बढ़ोतरी शुरू हुई थी, जो मई में चरम पर पहुंच गई। एक मई को सक्रिय मरीजों की संख्या 2,95,752 थी, जो 31 मई को घटकर 32,572 पर आ गई। इस दौरान संक्रमण की दर 10.20 फीसदी से घटकर 0.40 पर आ गई।
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प्रदेश में कोरोना की रोकथाम के लिए हर स्तर पुख्ता रणनीति बनाई गई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विभिन्न मंडलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से बीमारी को न छुपाने और जांच के लिए आगे आने की अपील की। इसी तरह गांवों में अपनाई गई टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट नीति का असर दिखा।
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प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में पांच मई से कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान चलाया गया। लगभग 72 हजार निगरानी समितियों के चार लाख सदस्यों ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग किया। लक्षणयुक्त अथवा संदिग्ध लोगों की तत्काल जांच कराई गई। होम आइसोलेशन वालों को दवाएं उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त हर अस्पताल में 24 घंटे निगरानी और आक्सीजन की व्यवस्था की गई।
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अस्पतालों में की गई पुख्ता व्यवस्था
पिछले साल कोरोना का पहला मरीज मिलने पर उसे इलाज के लिए नई दिल्ली भेजना पड़ा था। जबकि अब प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 1.75 लाख आइसोलेशन बेड, 1.25 लाख आईसीयू व एचडीयू बेड की व्यवस्था है। वहीं कोविड से संक्रमण की गंभीरता के मद्देनजर एल-1, एल-3 व एल-3 लेवल के अस्पताल तैयार किए गए हैं।