पंचायत चुनाव : जीत हासिल करने के लिए नामांकन के मुहूर्त से लेकर वस्त्र धारण करने तक की सलाह ले रहे प्रत्याशी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही चुनावी जंग में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशियों व समर्थकों ने कुल गुरुओं की शरण में पहुंचना शुरू कर दिया है। इसके तहत नामांकन के मुहूर्त से लेकर चुनाव प्रचार के दौरान किस तरह के और कौन से वस्त्र धारण तक का सलाह मशवरा लोग अपने कुल गुरुओं से कर रहे हैं। चुनाव में फतह के लिए कुंडली के योग और अंक की गणना के साथ पूजा पाठ संग तांत्रिक अनुष्ठान पर भी पूरा भरोसा जताया जा रहा है।
चुनाव में भाग्य आजमाने वाले अधिकांश प्रत्याशी इन दिनों अपने कुल गुरुओं की शरण में हैं। वह उनकी सलाह के आधार पर ही चुनावी जंग जीतने को एक-एक कदम आगे बढ़ाने की ठान चुके हैं। इसके लिए प्रत्याशियों की जन्मकुंडली गुरुजी के पास महीनों पहले पहुंच गई। राजसत्ता के संचालन के योग की खोज की गई। अब जन्म कुंडली के हिसाब से चुनावी दांव चले जाने का दौर शुरू हुआ है।
नामांकन के लिए निर्धारित दो दिन में सबसे बेहतर कौन सा है? इस दिन किस रंग के कपड़े पहनकर नामांकन पत्र दाखिल करना शुभ होगा, नामांकन पत्र किस ओर मुंह करके निर्वाचन अधिकारी को दिया जाना चाहिए आदि बिंदुओ पर खास तौर से सलाह ली जा रही है। शनिवार को नामांकन दाखिल करने के पहले दिन कई प्रत्याशियों के हाव-भाव, वस्त्र और नामांकन पत्र देने की कला कुछ इसी ओर इशारा करती दिखी।
कम समय में पूरी की जा रही है नामांकन की प्रक्रिया
पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को इस बार काफी कम समय में पूरा कराया जा रहा है। ऐसे में गुरुओं के लिए भी संकट की स्थिति है। नाम न छापने की शर्त पर ऐसे ही कुछ पंडितों ने बताया कि कुंडली में राजसत्ता संचालन के योग होने के बावजूद सिर्फ दो दिन में जातक के नामांकन दाखिल करने को कोई बहुत अच्छा मुहूर्त नहीं मिल रहा है। ऐसे में जो सबसे बेहतर समय था वही जातक को बताया गया।
मतदान के दौरान ही नवरात्रि पर्व पड़ने के कारण इस बार चुनाव में विजय पाने के लिए तमाम प्रत्याशियों व समर्थकों ने तो अपने कुल गुरुओं की शरण में पहुँच अभी से पूजा अनुष्ठान कराना भी शुरू कर दिया है। इसके चलते ही अयोध्या सहित तांत्रिकों पीठों और धर्मस्थलों पर इन दिनों काफी भीड़ बढ़ गई है। इनमें से कुछ के पहले से तो कुछ के जल्द ही अनुष्ठान शुरू कराए जाने हैं।