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Lucknow News: दिल्ली से कार में ला रहे थे 10 लाख की प्रतिबंधित सिगरेट
Sun, 05 Apr 2026 02:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:39 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व बरामद माल और कार।
लखनऊ। प्रतिबंधित सिगरेट की तस्करी के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच और पारा पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश मुरैना निवासी शादाब अली और शोएब अली को शनिवार को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से 10 लाख रुपये कीमत की सिगरेट और एक कार बरामद की है।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि लखनऊ में बड़े पैमाने पर नकली और प्रतिबंधित सिगरेट बेची जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने आगरा एक्सप्रेसवे जीरो पॉइंट के पास कार सवार शादाब और शोएब को रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें विभिन्न कंपनियों और ब्रांड की सिगरेट के 3940 पैकेट मिले। इनमें 10 डिब्बी, 20 डिब्बी और 50 डिब्बी वाले सिगरेट के पैकेट शामिल थे। बरामद सिगरेट की कीमत 10 लाख रुपये आंकी गई है।
दिल्ली व मध्य प्रदेश से संचालित हो रहा था धंधा
एडीसीपी के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि उनका धंधा दिल्ली और मध्य प्रदेश से संचालित होता है। वे दिल्ली के सदर बाजार से सस्ते दाम में नकली व प्रतिबंधित सिगरेट लाते थे। फिर उसे उत्तर प्रदेश और बिहार में बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली और मध्य प्रदेश में नकली सिगरेट बनाने वाले गिरोह सक्रिय हैं। वे उन्हीं गिरोहों से सिगरेट खरीदते थे। इस माल को लखनऊ और आसपास के इलाकों में सप्लाई करना था। पुलिस को गैंग में शामिल अन्य आरोपियों के नाम भी पता चले हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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गैंग का पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
एडीसीपी ने बताया कि छानबीन में सामने आया है कि आरोपी नकली सिगरेट बनाने के साथ ही विदेशी कंपनियों की सिगरेट भी मंगाकर बेचते थे। आरोपी काफी लंबे समय से इस गोरखधंधे को कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस काले कारोबार से आरोपियों ने काफी संपत्ति भी बनाई है। पुलिस अब पूरे गैंग के नेटवर्क को खंगालने में लगी है। उनकी संपत्ति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
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एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया कि कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि लखनऊ में बड़े पैमाने पर नकली और प्रतिबंधित सिगरेट बेची जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने आगरा एक्सप्रेसवे जीरो पॉइंट के पास कार सवार शादाब और शोएब को रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें विभिन्न कंपनियों और ब्रांड की सिगरेट के 3940 पैकेट मिले। इनमें 10 डिब्बी, 20 डिब्बी और 50 डिब्बी वाले सिगरेट के पैकेट शामिल थे। बरामद सिगरेट की कीमत 10 लाख रुपये आंकी गई है।
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दिल्ली व मध्य प्रदेश से संचालित हो रहा था धंधा
एडीसीपी के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि उनका धंधा दिल्ली और मध्य प्रदेश से संचालित होता है। वे दिल्ली के सदर बाजार से सस्ते दाम में नकली व प्रतिबंधित सिगरेट लाते थे। फिर उसे उत्तर प्रदेश और बिहार में बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली और मध्य प्रदेश में नकली सिगरेट बनाने वाले गिरोह सक्रिय हैं। वे उन्हीं गिरोहों से सिगरेट खरीदते थे। इस माल को लखनऊ और आसपास के इलाकों में सप्लाई करना था। पुलिस को गैंग में शामिल अन्य आरोपियों के नाम भी पता चले हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
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गैंग का पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
एडीसीपी ने बताया कि छानबीन में सामने आया है कि आरोपी नकली सिगरेट बनाने के साथ ही विदेशी कंपनियों की सिगरेट भी मंगाकर बेचते थे। आरोपी काफी लंबे समय से इस गोरखधंधे को कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस काले कारोबार से आरोपियों ने काफी संपत्ति भी बनाई है। पुलिस अब पूरे गैंग के नेटवर्क को खंगालने में लगी है। उनकी संपत्ति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व बरामद माल और कार।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी व बरामद माल और कार।