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वो 4 कदम, जो बदल रहे हैं CM योगी की हिंदूवादी नेता की छवि
amarujala.com, Presented By: विजय जैन
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:12 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आते ही जब ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू किए थे तो उनकी हिन्दू कट्टरवादी छवि पर सवाल उठने लगे थे। लोगों का कहना था कि हिंदू छवि के चलते सीएम योगी दूसरे धर्मों के लोगों के संग इंसाफ नहीं कर पाएंगे।
अवैध बूचड़खाने बंद करने के फैसले से जब वैध बूचड़खाने भी बंद हुए तो मुस्लिम वर्ग ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया था कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, पर ऐसा नहीं था।
हिन्दू कट्टरवादी छवि को बदलने के लिए योगी आदित्यनाथ ने सबका साथ सबका विकास की नीति पर अमल करना शुरू कर दिया है। बीते दिन बैसाखी पर सीएम योगी ने लखनऊ स्थित यहिया गंज गुरुद्वारे में मत्था टेका।
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यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सौभाग्य है कि गुरुद्वारे में गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह भी यहियागंज गुरुद्वारे में आए हैं। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर के बारे में पढ़ता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
उस समय भी कश्मीर में पंडितों पर अत्याचार हो रहा था, यातनाएं दी जा रही थी। औरंगजेब का सभी कश्मीरी पंड़ितों का धर्मांतरण का फरमान था। गुरु तेग बहादुर के पास इस बात को लेकर पंडित गए तो गुरू तेग बहादुर ने कहा कि जाओ बादशाह को बता दो कि यदि हमारे गुरू इस्लाम स्वीकार कर लेंगे तो हम भी कर लेंगे।
सिख धर्म गुरुओं ने कितनी यातनाएं सही है, दिल्ली का शीशगंज गुरूद्वारा इसका गवाह है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव से गुरु गोविंद सिंह तक चली यह परम्परा भक्ति से शक्ति का पूंज बनकर उभरी है। सिख पंथ की इस परम्परा को और भी आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
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अवैध बूचड़खाने बंद करने के फैसले से जब वैध बूचड़खाने भी बंद हुए तो मुस्लिम वर्ग ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया था कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, पर ऐसा नहीं था।
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हिन्दू कट्टरवादी छवि को बदलने के लिए योगी आदित्यनाथ ने सबका साथ सबका विकास की नीति पर अमल करना शुरू कर दिया है। बीते दिन बैसाखी पर सीएम योगी ने लखनऊ स्थित यहिया गंज गुरुद्वारे में मत्था टेका।
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यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सौभाग्य है कि गुरुद्वारे में गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह भी यहियागंज गुरुद्वारे में आए हैं। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर के बारे में पढ़ता हूं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
उस समय भी कश्मीर में पंडितों पर अत्याचार हो रहा था, यातनाएं दी जा रही थी। औरंगजेब का सभी कश्मीरी पंड़ितों का धर्मांतरण का फरमान था। गुरु तेग बहादुर के पास इस बात को लेकर पंडित गए तो गुरू तेग बहादुर ने कहा कि जाओ बादशाह को बता दो कि यदि हमारे गुरू इस्लाम स्वीकार कर लेंगे तो हम भी कर लेंगे।
सिख धर्म गुरुओं ने कितनी यातनाएं सही है, दिल्ली का शीशगंज गुरूद्वारा इसका गवाह है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव से गुरु गोविंद सिंह तक चली यह परम्परा भक्ति से शक्ति का पूंज बनकर उभरी है। सिख पंथ की इस परम्परा को और भी आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुस्लिमों को रिझाने के लिए सामूहिक विवाह का फैसला!
सीएम योगी आदित्यनाथ
वहीं, मुसलमानों के बड़े हिस्से को रिझाने के लिए योगी सरकार गरीब मुसलमान लड़कियों का सामूहिक विवाह कराने का प्रस्ताव तैयार कर रही है।
इसकी जानकारी खुद प्रदेश के मुस्लिम वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर प्रस्ताव तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि गरीब लड़कियों को बीस हजार रुपये आर्थिक मदद देने की जगह सरकार उनकी शादी का पूरा भार वहन करेगी।
इस योजना में सिख व ईसाई समुदाय को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि यूपी में मुसलमानों की आबादी करीब 20 प्रतिशत है, ऐसे में सबसे ज्यादा लाभान्वित होने वाला समुदाय यही होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी के निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम शाम 6.30 बजे होगा। जिनमें डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही सामाजिक क्षेत्र में या भाजपा में काम करने वाले दलित वर्ग के बुजुर्गों का सम्मान भी होगा।
भाजपा ने अंबेडकर जयंती के जरिये दलितों के बीच में पकड़ व पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश में बृहद स्तर पर कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। इसके तहत स्वास्थ्य व सम्मान के कार्यक्रम करने के साथ कई जगह सहभोज के कार्यक्रम भी तय किए हैं।
इसकी जानकारी खुद प्रदेश के मुस्लिम वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर प्रस्ताव तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि गरीब लड़कियों को बीस हजार रुपये आर्थिक मदद देने की जगह सरकार उनकी शादी का पूरा भार वहन करेगी।
इस योजना में सिख व ईसाई समुदाय को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि यूपी में मुसलमानों की आबादी करीब 20 प्रतिशत है, ऐसे में सबसे ज्यादा लाभान्वित होने वाला समुदाय यही होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी के निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम शाम 6.30 बजे होगा। जिनमें डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही सामाजिक क्षेत्र में या भाजपा में काम करने वाले दलित वर्ग के बुजुर्गों का सम्मान भी होगा।
भाजपा ने अंबेडकर जयंती के जरिये दलितों के बीच में पकड़ व पहुंच बढ़ाने के लिए प्रदेश में बृहद स्तर पर कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। इसके तहत स्वास्थ्य व सम्मान के कार्यक्रम करने के साथ कई जगह सहभोज के कार्यक्रम भी तय किए हैं।