यूपी से खुलासाः कुछ ऐसे भी थे जो निकले थे कहीं और के लिए, पहुंच गए दिल्ली
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उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। लेकिन बहुत से ऐसे भी थे जो कहीं और के लिए रवाना हुए थे लेकिन पहुंच गए दिल्ली।
दिल्ली में धार्मिक जलसे से कोरोना वायरस फैलने के अलर्ट के बाद पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को राजधानी की मस्जिदों की पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। कैसरबाग की मरकजी मस्जिद, काकोरी के पलिया स्थित जामा मस्जिद और मड़ियांव के मुतक्कीपुर स्थित मकवा मस्जिद में बांग्लादेश, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान से आए कुल 23 पुरुष व महिलाएं रह रही थीं।
इन सभी लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से तीन के सैंपल लिए गए। एक का सैंपल खराब होने पर दोबारा लिया गया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि दो की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि एक की रिपोर्ट बुधवार को आएगी।
मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम, पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय, जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने तीनों मस्जिदों का निरीक्षण किया। पुलिस आयुक्त व डीएम के अनुसार ये लोग दिल्ली से ट्रेन से आए जरूर थे, लेकिन निजामुद्दीन में हुए जलसे में शामिल नहीं हुए थे। सबसे बड़ी बात यह कि मस्जिदों के मुतवल्ली और केयरटेकर ने इन विदेशी नागरिकों के बारे में स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को कोई सूचना तक नहीं दी थी।
यूपी के आईजी कानून-व्यवस्था ज्योति नारायण ने बताया कि दिल्ली के मरकज में यूपी के 157 लोग शामिल थे। इनमें से 137 दिल्ली में या दूसरे राज्यों में हैं। 9 लोग यूपी में हैं। उन्हें क्वारंटीन किया गया है।
कहां के लिए चले, कहां पहुंच गए...
प्रयागराज : निकले थे जालंधर जलसे को दिल्ली कब पहुंचे परिजनों को खबर नहींधार्मिक जलसे में गए 11 लोगों को जांच के लिए दिल्ली में ही रोका गया है। कुछ लोग मऊआइमा की थानेवाली मस्जिद से जमात के साथ जालंधर में आयोजित जलसे में गए थे, लेकिन निजामुद्दीन कब और कैसे पहुंचे, इसे लेकर घरवाले भी परेशान हैं।
रामपुर : 34 लोगों की जांच, नहीं मिले लक्षण
टांडा तहसील में 34 लोग मिले हैं जो जमात से संबंधित हैं। ये लोग संभल, हसनपुर, बछरायूं और बुलंदशहर के रहने वाले हैं। किसी में कोरोना जैसे लक्षण नहीं हैं।
शामली : 200 लोगों की छानबीन में जुटी टीम
जमात से लौटे करीब 200 लोगों के जिले में आने की सूचना प्रशासन को मिली है। शामली और झिंझाना में असम से आई जमात में 27 लोगों की जांच की गई है।
सहारनपुर : 200 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग
जिले में 200 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। देवबंद में स्क्रीनिंग के दौरान दो लोग फरार हो गए।
बिजनौर : आठ लोगों को आइसोलेशन में रखा
बिजनौर जिला अस्पताल में इंडोनेशिया से आए आठ लोगों को आइसोलेशन में रखा है। ये सभी निजामुद्दीन में हुए धार्मिक जलसे में शामिल हुए थे।
वाराणसी : जलसे में भाग लेकर लौटे थे 91 लोग
निजामुद्दीन में आयोजित जलसे में भाग लेकर 91 लोग भदोही और जौनपुर भी लौटे थे। इनमें 14 लोग भदोही में मरकजी कमेटी के गेस्ट हाउस में रह रहे थे, जिनमें 11 बांग्लादेशी हैं । इसी तरह 77 लोग जौनपुर आए थे, जिनमें 14 बांग्लादेशी हैं। जौनपुर में उतरे 27 लोगों का पता नहीं चल रहा है। वाराणसी से गए आठ लोगों की दिल्ली में स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
कानपुर : 10 जमातों के 127 लोग शहर में
शहर की मस्जिदों में भी तब्लीगी जमातें रुकी हुई हैं। इनमें अफगानिस्तान समेत 10 जमातों के 127 लोग हैं। शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से इन्हें रोक दिया गया है।
हिमाचलः हिमाचल से दिल्ली जलसे में गए सभी 15 लोग क्वारंटीन : दिल्ली के निजामुद्दीन जलसे में शामिल हिमाचल के सभी 15 लोगों क्वारंटीन किया गया है। इनमें 14 चंबा और एक कुल्लू जिले का निवासी है। सभी को दिल्ली में ही क्वारंटीन में रखा गया है। फिलहाल इनमें कोरोना पॉजिटिव होने के कोई लक्षण नहीं हैं।
जम्मू -कश्म्मूमीरः कश्मीर से 855 लोग हुए थे शामिल : जम्मू-कश्मीर से 855 लोग तब्दीली जमात में शामिल थे। इनमें जम्मू से 83 जबकि शेष कश्मीर के हैं। जलसे से वापस आए जम्मू-कश्मीर के भी अधिकतर नागरिकों ने अपनी यात्रा इतिहास छुपाय। इन सभी लोगों की शिनाख्त करके उन्हें क्वारंटीन करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया।
उत्तराखंड : आखिर कहां गए प्रदेश के 280 जमाती
कोरोना वायरस संक्रमण के बीच उत्तराखंड के करीब 280 लोग अभी भी देशभर में तब्लीगी जमात में इस्लाम के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। निजामुद्दीन मरकज का मामला गरमाने के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र ने प्रदेशभर से जमात में गए लोगों का यह आंकड़ा जुटाया है। चिंताजनक बात यह है कि अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि जमात में गए ये लोग फिलहाल देश के किन-किन राज्यों में हैं।