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एसटीएफ का दावा, हाथरस में हिंसा फैलाने की बड़ी साजिश रची जा रही थी
Sun, 22 Nov 2020 12:08 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 22 Nov 2020 12:08 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हाथरस में जातीय हिंसा फैलाने के लिए पीएफआई कनेक्शन की जांच कर रही एसटीएफ ने दावा किया है कि हाथरस में हिंसा फैलाने की बड़ी साजिश रची जा रही थी। पकड़े गए आरोपी दिल्ली और मुजफ्फरनगर में पहले हुई हिंसा में भी शामिल रह चुके हैं।
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एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक पकड़ा गया पत्रकार सिद्दीकी कप्पन पीएफआई का ऑफिस सेक्रेटरी था। वह कुछ दिनों पहले दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन भी गया था। इसके लिए किसने फंडिंग की, इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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वहीं बहराइच निवासी दानिश नॉर्थ दिल्ली में हुई हिंसा का आरोपी था, जबकि अतीकुर्रहमान 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे का आरोपी था। अतीकुर्रहमान के खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने वारंट जारी किया था। सूत्रों का दावा है कि ये सभी दंगे को हवा देने के मकसद से ही हाथरस जा रहे थे।
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एसटीएफ पता लगा रही है कि हाथरस हिंसा के लिए इन सभी को फंडिंग कहां से की जा रही थी? कितने पैसे दिए गए और कहां-कहां पैसे गए? इसके अलावा हाथरस को लेकर बनाई गई वेबसाइट समेत सारे कनेक्शन का लिंक खंगाला जा रहा है।
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पिछले महीने एसटीएफ को सौंपी गई थी जांच
पिछले महीने मथुरा पुलिस ने हाथरस जा रहे चार लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया था कि हाथरस कांड में पीएफआई की ओर से फंडिंग की जा रही थी। इसकी जांच एसटीएफ को 18 अक्तूबर को सौंपी गई थी। एसटीएफ ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, जिसके बाद कई नए तथ्य सामने आए थे। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रहा है।