{"_id":"67b23b969ef954963e00b0fe","slug":"there-is-traffic-jam-here-not-only-during-the-day-but-also-at-night-shravasti-news-c-104-1-srv1002-109492-2025-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: यहां दिन ही नहीं रात में भी लगा रहा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: यहां दिन ही नहीं रात में भी लगा रहा जाम
Mon, 17 Feb 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 17 Feb 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
इकौना में रात के समय कुछ ऐसा लगता जाम।
इकौना (श्रावस्ती)। इकौना नगर में अतिक्रमणकारियों के सामने प्रशासन बौना साबित हो रहा है। कई अभियान के बाद भी न तो नगर को अतिक्रमण से मुक्ति मिल पाई है और न ही जाम से। यहां दिन में ही नहीं रात में भी जाम की समस्या रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।
इकौना थाना गेट के सामने से लेकर भिनगा बाइपास मोड़ तक मुख्य मार्ग की पटरियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। सबसे खराब स्थिति संजय पार्क, बेचू बाबा चौराहा व सब्जी मंडी की है। यहां दिन केे साथ रात में भी भीषण जाम की समस्या रहती है। इसका प्रमुख कारण जहां एक तरफ मार्ग की पटरियों पर स्थानीय दुकानदारों का कब्जा है तो दूसरी तरफ मुख्य मार्ग पर ई रिक्शा व ठेले वालों का खड़ा होना है।
पूर्व में यहां अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान भी चलाया गया, लेकिन यह अभियान महज कोरम पूरा करने तक ही सीमित रहा। एक तरफ पुलिस व तहसील प्रशासन अतिक्रमण हटवाते हैं तो कुछ ही समय के बाद दूसरी तरफ दुकानदार दोबारा कब्जा कर लेते हैं। जबकि इस मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। वाहनोंं के अलावा सब्जी विक्रेता भी आधे मार्ग पर काबिज रहते हैं। ऐसे में यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इकौना थाना गेट के सामने से लेकर भिनगा बाइपास मोड़ तक मुख्य मार्ग की पटरियां अतिक्रमण की चपेट में हैं। सबसे खराब स्थिति संजय पार्क, बेचू बाबा चौराहा व सब्जी मंडी की है। यहां दिन केे साथ रात में भी भीषण जाम की समस्या रहती है। इसका प्रमुख कारण जहां एक तरफ मार्ग की पटरियों पर स्थानीय दुकानदारों का कब्जा है तो दूसरी तरफ मुख्य मार्ग पर ई रिक्शा व ठेले वालों का खड़ा होना है।
विज्ञापन
पूर्व में यहां अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान भी चलाया गया, लेकिन यह अभियान महज कोरम पूरा करने तक ही सीमित रहा। एक तरफ पुलिस व तहसील प्रशासन अतिक्रमण हटवाते हैं तो कुछ ही समय के बाद दूसरी तरफ दुकानदार दोबारा कब्जा कर लेते हैं। जबकि इस मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। वाहनोंं के अलावा सब्जी विक्रेता भी आधे मार्ग पर काबिज रहते हैं। ऐसे में यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
विज्ञापन