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राजधानी में ट्रेनों और बसों में जमकर उड़ी कोविड प्रोटोकॉल की धजि्जयां
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कोरोना संक्रमण की लगातार बढ़ती रफ्तार से सहमे लोग घर वापसी कर रहे हैं। इसके चलते रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर हुजूम उमड़ने से कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ रही हैं।
ट्रेनों से मुंबई व दिल्ली से लौटने वालों की कोरोना जांच में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। वहीं, परिवहन निगम ने बसों में सीटों के बराबर यात्रियों को बैठाने का आदेश दिया है।
यह आदेश अनुबंधित बसों पर भी लागू होगा। सीटों की संख्या से ज्यादा सवारी बैठाने पर ड्राइवर व कंडक्टर पर कार्रवाई की जाएगी।
चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर ट्रेन के आते ही सैकड़ों यात्री उतरते हैं। ऐसे में उन्हें कतार में लगवाना, बेटिकट यात्रियों की जांच और थर्मल स्कैनिंग में लगे स्टाफ को जोखिम उठाना पड़ता है।
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इससे कई रेलकर्मी बच रहे हैं और जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, यात्री भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं, स्टाफ के लिए मास्क व सैनिटाइजर की समस्या बनी हुई है।
उधर, कैसरबाग बस अड्डे पर बुधवार शाम जब पांच ड्राइवर कंडक्टर पॉजिटिव मिले। इसके अलावा बस अड्डे पर पानी पिलाने वाला कर्मचारी भी संक्रमित मिला। स्टेशन में सैनिटाइजेशन करवाया गया।
वहीं, परिवहन निगम के एमडी धीरज साहू ने सीटों के बराबर यात्रियों को बैठाने के आदेश के बाबत प्रदेश के क्षेत्रीय प्रबंधकों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है। व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे करें जांच तो थमे संक्रमण
गत वर्ष रेलवे की ओर से जब श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही थीं तो जांच की जो व्यवस्था अपनाई गई थी, उसे दोबारा लागू करने की जरूरत है। मसलन ट्रेन के आने पर एक-एक कर बोगी को खोलना, फिर यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए कतार में लगवाना तथा थर्मल स्कैनिंग कर स्टेशन से बाहर निकला जाता था।
श्रमिकों के लिए रोडवेज बसों की सीधी सेवा शुरू
महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, गुजरात और राजस्थान से आ रहे श्रमिकों की भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम प्रशासन ने सीधी बस सेवाएं शुरू कर दी हैं। आलमबाग, चारबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशनों से श्रमिकों की उपलब्धता के आधार पर बसों को भेजना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम तक करीब 72 बसों से 3200 लोगों को रवाना किया गया। राजाधानी के चारों प्रमुख बस स्टेशनों से करीब 40 बसें शाम पांच बजे तक भेजी गईं। रात तक रवाना होने वाली बसों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। एआरएम डीके गर्ग बताते है कि 18 बसें गोरखपुर भेजी गईं। वहीं, चारबाग से अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया आदि स्थानों के लिए 15 बसें और सुलतानपुर व रायबरेली छह बसें भेजी गई। वहीं, क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में बसें खड़े होने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। इससे योजना रुकी हुई है।
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ट्रेनों से मुंबई व दिल्ली से लौटने वालों की कोरोना जांच में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। वहीं, परिवहन निगम ने बसों में सीटों के बराबर यात्रियों को बैठाने का आदेश दिया है।
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यह आदेश अनुबंधित बसों पर भी लागू होगा। सीटों की संख्या से ज्यादा सवारी बैठाने पर ड्राइवर व कंडक्टर पर कार्रवाई की जाएगी।
चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर ट्रेन के आते ही सैकड़ों यात्री उतरते हैं। ऐसे में उन्हें कतार में लगवाना, बेटिकट यात्रियों की जांच और थर्मल स्कैनिंग में लगे स्टाफ को जोखिम उठाना पड़ता है।
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इससे कई रेलकर्मी बच रहे हैं और जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, यात्री भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं, स्टाफ के लिए मास्क व सैनिटाइजर की समस्या बनी हुई है।
उधर, कैसरबाग बस अड्डे पर बुधवार शाम जब पांच ड्राइवर कंडक्टर पॉजिटिव मिले। इसके अलावा बस अड्डे पर पानी पिलाने वाला कर्मचारी भी संक्रमित मिला। स्टेशन में सैनिटाइजेशन करवाया गया।
वहीं, परिवहन निगम के एमडी धीरज साहू ने सीटों के बराबर यात्रियों को बैठाने के आदेश के बाबत प्रदेश के क्षेत्रीय प्रबंधकों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है। व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे करें जांच तो थमे संक्रमण
गत वर्ष रेलवे की ओर से जब श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही थीं तो जांच की जो व्यवस्था अपनाई गई थी, उसे दोबारा लागू करने की जरूरत है। मसलन ट्रेन के आने पर एक-एक कर बोगी को खोलना, फिर यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए कतार में लगवाना तथा थर्मल स्कैनिंग कर स्टेशन से बाहर निकला जाता था।
श्रमिकों के लिए रोडवेज बसों की सीधी सेवा शुरू
महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, गुजरात और राजस्थान से आ रहे श्रमिकों की भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम प्रशासन ने सीधी बस सेवाएं शुरू कर दी हैं। आलमबाग, चारबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशनों से श्रमिकों की उपलब्धता के आधार पर बसों को भेजना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम तक करीब 72 बसों से 3200 लोगों को रवाना किया गया। राजाधानी के चारों प्रमुख बस स्टेशनों से करीब 40 बसें शाम पांच बजे तक भेजी गईं। रात तक रवाना होने वाली बसों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। एआरएम डीके गर्ग बताते है कि 18 बसें गोरखपुर भेजी गईं। वहीं, चारबाग से अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया आदि स्थानों के लिए 15 बसें और सुलतानपुर व रायबरेली छह बसें भेजी गई। वहीं, क्षेत्रीय प्रबंधक पल्लव बोस ने बताया कि चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में बसें खड़े होने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। इससे योजना रुकी हुई है।