लॉकडाउन में सिर्फ पीली धातु बनकर रह गया सोना, नहीं मिल रहे खरीदार
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क्या वक्त आया है। बुरे वक्त का साथी कहा जाने वाला सोना भी सोणा न रहा। जिस सोने की चमक पर दुनिया वारी-वारी जाती है। वो सोना इस मुश्किल घड़ी में भाव खा रहा है। नोटबंदी के दौरान तो बहुतेरे सोने पर लट्टू हुए। पर, वो दौर अलग था, कोरोना काल में तो सोना सिर्फ पीली धातु बनकर रह गई है। बाजार बंद हैं। कैश की किल्लत है। ऐसे में लॉकडाउन में भी भाव खा रहे सोने की हालत देख निवेशक मन मसोस कर रह जा रहे हैं।
सोने की चाल ने उन्हें बेहाल कर रखा है जिन्होंने गाढ़े वक्त के लिए इसे खरीदा। ठाकुरगंज क्षेत्र के एक प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी उलझन में हैं। कर्मचारियों को अप्रैल-मई का वेतन देना है। बताते हैं कि ऐसे वक्त में परिचित ज्वेलर्स को फोन कर कुछ गहने बेचने की इच्छा जताई, पर वहां से जवाब आया 400 ग्राम सोने की कीमत देने के लिए उसके पास नकदी नहीं है। महानगर के एक उद्यमी हैं जिन्होंने धीरे-धीरे पांच किलो सोना खरीदा। जिस दौरान खरीदा उस समय सोने की कीमत 30 हजार से 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब लॉकडाउन में बेच भी नहीं सकते। परिचित ज्वेलर्स भी कहते हैं लॉकडाउन के बाद भाव गिरेगा।
प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी और उद्यमी ही नहीं, ऐसे सैकड़ों लोग हैं जिन्होंने पिछली अक्षय तृतीया और धनतेरस पर सोने में मोटी रकम लगाई। सपना था कि सोना उन्हें सोणा बनाएगा, पर हालात ऐसे हैं कि कहां बेचें। महानगर के कारोबारी अजय अग्रवाल ने बताया लॉकडाउन में सोने की कीमत में लगभग 6000 प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ है। लखनऊ सराफा एसोसिएशन के उच्च पदाधिकारी बताते हैं कि राजधानी के निवेशकों के पास 1200 किलो से अधिक सोने का स्टॉक है, जिसमें गहने भी शामिल हैं। कारोबारियों का कहना कि लॉकडाउन खुलने के बाद सोने की कीमत में गिरावट होगी जिससे निवेशकों का सोना खरीदना घाटे का सौदा साबित हो सकता है।
लॉकडाउन में भी सोने की ऐसी चाल
- 20 मार्च लॉकडाउन से पहले 42000 रुपये
- 2 मई को सोने का रेट 47800 रुपये (24 कैरेट सोने का रेट प्रति 10 ग्राम)
कैश भी नहीं और नुकसान का अंदेशा
चौक के कारोबारी आदीश कुमार जैन बताते हैं कि उनके परिचित के ग्राहक लॉकडाउन के दौरान सोना बेचने की पेशकश कर रहे हैं। लेकिन एक महीने से ज्यादा वक्त से पूरा कारोबार ठप है। ऐसे में कारोबारियों के पास कैश नहीं है, जिससे निवेशकों का सोना खरीद सके। इसके साथ ही लॉकडाउन के दौरान सोना खरीदने पर नुकसान होने का भी अंदेशा है।
लॉकडाउन के बाद सोना बेचने वाले उमड़ेंगे
लखनऊ सर्राफ एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल बताते हैं कि लॉकडाउन खुलने के बाद लोग सोना बेचने के लिए उमड़ सकते हैं। ऐसे में निवेशकों का सोना भी खरीदना पड़ेगा। कोई भी कारोबारी निवेशक का सोना और सोने के गहने खरीदने से मना नहीं कर सकता। इससे क्या समस्याएं आने वाली हैं इसे लेकर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के मुखिया को भी अवगत करा दिया गया।
निवेशकों से सोना खरीदने का कोई इंतजाम नहीं
लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र नाथ रस्तोगी का कहना कि लॉकडाउन में सराफा की सभी दुकानें बंद हैं। ऐसे में निवेशकों या फिर ग्राहकों का सोना और गहना खरीदा नहीं जा सकता। एसोसिएशन ने कोई इंतजाम भी नहीं किया। ग्राहक और निवेशक चाहें तो सोना को बैंक में कुछ दिनों के लिए गिरवी रख कर अपना काम चला सकते हैं और जब लॉकडाउन खत्म हो जाए तो उसको बेच सकते हैं।