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Lucknow News: ग्रीन कॉरिडोर के ट्रैफिक प्लान की होगी वैज्ञानिक जांच
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ग्रीन कॉरिडोर का निरीक्षण करती टीम।
लखनऊ। ग्रीन कॉरिडोर पर यातायात संचालन को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञ अब ट्रैफिक इंजीनियरिंग और रोड सेफ्टी ऑडिट कर रहे हैं। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि कॉरिडोर शुरू होने के बाद किन हिस्सों में वाहनों का दबाव बढ़ सकता है और कहां जाम की स्थिति बन सकती है। इसके आधार पर जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान भी तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञ एक से दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट एलडीए को सौंप सकते हैं।
इसी सिलसिले में आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों ने यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ रविवार को बैठक की। इसमें ग्रीन कॉरिडोर की मौजूदा यातायात व्यवस्था, प्रमुख जंक्शनों, संपर्क मार्गों और स्थानीय कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। बैठक के बाद विशेषज्ञ दल ने यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ ग्रीन कॉरिडोर के प्रमुख हिस्सों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें डालीगंज पुल और पुराने पक्के पुल वाला हिस्सा शामिल रहा। डालीगंज से पुराने पक्के पुल होते हुए कुड़िया घाट की ओर जाने वाले मार्ग का भी प्रारंभिक अध्ययन किया जा रहा है।
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के मुताबिक, एलडीए को दिए सुझावों में प्रमुख जंक्शनों और संपर्क बिंदुओं के प्रस्तावित विन्यास का विशेषज्ञों से वैज्ञानिक परीक्षण कराने की सिफारिश की गई थी। इसी के तहत एलडीए ने आईआईटी बीएचयू को अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी है। अध्ययन में पैदल यात्रियों, सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को भी शामिल किया जाएगा। इस कार्य में वीएनआईटी नागपुर की टीम भी सहयोग कर रही है।
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निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोबारा होगा आकलन
आईआईटी बीएचयू के डॉ. अंशुमान शर्मा ने बताया कि फिलहाल कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में कर्मियां निकाल पाना मुश्किल है। स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक लाइट लगने के बाद व्यवस्था का दोबारा आकलन किया जाएगा। डेटा कलेक्शन के आधार पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग, रोड सेफ्टी और ऑडिट किया जा रहा है। इसमें कंजेशन पैटर्न का पता लगाने के साथ सुधार के विकल्प सुझाए जाएंगे।
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इसी सिलसिले में आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों ने यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ रविवार को बैठक की। इसमें ग्रीन कॉरिडोर की मौजूदा यातायात व्यवस्था, प्रमुख जंक्शनों, संपर्क मार्गों और स्थानीय कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। बैठक के बाद विशेषज्ञ दल ने यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ ग्रीन कॉरिडोर के प्रमुख हिस्सों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें डालीगंज पुल और पुराने पक्के पुल वाला हिस्सा शामिल रहा। डालीगंज से पुराने पक्के पुल होते हुए कुड़िया घाट की ओर जाने वाले मार्ग का भी प्रारंभिक अध्ययन किया जा रहा है।
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डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के मुताबिक, एलडीए को दिए सुझावों में प्रमुख जंक्शनों और संपर्क बिंदुओं के प्रस्तावित विन्यास का विशेषज्ञों से वैज्ञानिक परीक्षण कराने की सिफारिश की गई थी। इसी के तहत एलडीए ने आईआईटी बीएचयू को अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी है। अध्ययन में पैदल यात्रियों, सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को भी शामिल किया जाएगा। इस कार्य में वीएनआईटी नागपुर की टीम भी सहयोग कर रही है।
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निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोबारा होगा आकलन
आईआईटी बीएचयू के डॉ. अंशुमान शर्मा ने बताया कि फिलहाल कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में कर्मियां निकाल पाना मुश्किल है। स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक लाइट लगने के बाद व्यवस्था का दोबारा आकलन किया जाएगा। डेटा कलेक्शन के आधार पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग, रोड सेफ्टी और ऑडिट किया जा रहा है। इसमें कंजेशन पैटर्न का पता लगाने के साथ सुधार के विकल्प सुझाए जाएंगे।

ग्रीन कॉरिडोर का निरीक्षण करती टीम।