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Lucknow News: सिपाही को पत्नी की कॉल डिटेल से पता चला प्रेम-प्रसंग का
Mon, 24 Mar 2025 01:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 24 Mar 2025 01:59 AM IST
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सिपाही को पत्नी की कॉल डिटेल से पता चला प्रेम-प्रसंग का
लखनऊ। काकोरी के दोहरे हत्याकांड के आरोपी सिपाही महेंद्र और अंकिता की शादी के बाद सब कुछ सामान्य था। महेंद्र को पत्नी के प्रेम-प्रसंग की भनक तक नहीं थी। वर्ष 2024 में दोनों के बीच खटपट होने लगी। अंकिता छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करने लगी। इस पर महेंद्र को शक हुआ। दिसंबर 2024 में उसने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए अंकिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल हासिल की तो मनोज लोधी का नंबर मिला। दोनों के बीच लंबी-लंबी बातचीत का ब्योरा मिला। महेंद्र ने जब पत्नी से बात की तो उसने मनोज से प्रेम-प्रसंग की बात कबूल ली।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि सिपाही महेंद्र फरवरी से मनोज की हत्या की साजिश रच रहा था। सिपाही होने के चलते उसे इस बात का पता था कि सर्विलांस की मदद से बड़ी आसानी से पुलिस उस तक पहुंच सकती है। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज पर दो सिमकार्ड खरीदे। एक नया कीपैड वाला मोबाइल फोन खरीदकर पत्नी को दिया।
एक सिमकार्ड पत्नी के मोबाइल में लगाया और एक सिमकार्ड खुद इस्तेमाल करने लगा। उसने पत्नी अंकिता को हिदायत दी थी कि वह प्रेमी और उससे कीपैड वाले मोबाइल से बात करेगी। उसने पत्नी को यह भी बताया था कि जब वारदात के बाद पुलिस मनोज के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालेगी तो फर्जी दस्तावेज पर खरीदे गए सिमकार्ड व कीपैड वाले मोबाइल का आईएमईआई नंबर पुलिस को मिलेगा। ऐसे में पुलिस सर्विलांस की मदद से उन तक नहीं पहुंच सकेगी।
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अयोध्या से आकर वारदात को दिया अंजाम और फिर ड्यूटी पर लौटा
डीसीपी ने बताया कि आरोपी सिपाही की अयोध्या में ड्यूटी लगी थी। 21 मार्च को उसे लौटना था। साजिश के तहत उसने भांजे व दोनों साथियों को उसी दिन वारदात अंजाम देने के लिए कहा। आरोपी महेंद्र अयोध्या से ड्यूटी से लौटा और पत्नी अंकिता से प्रेमी मनोज को फोन कर मिलने के लिए बुलाया। अंकिता ने करीब 30 से 35 बार मनोज को कॉल की। मनोज जब मिलने के तैयार हो गया और बरकतनगर आने की बात कही तो अंकिता ने पति को इसकी खबर दे दी। महेंद्र व अन्य आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हमले के दौरान सिपाही महेंद्र की अंगुली में चोट भी लगी। वारदात के बाद आरोपी लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन पहुंचा और ड्यूटी जॉइन कर ली। इसके बाद उसने तबीयत खराब होने की बात कही और बेड रेस्ट लेकर गांव आ गया।
कॉल डिटेल से सामने आई साजिश
अंकिता दिसंबर से पति के दिए गए मोबाइल फोन से ही प्रेमी मनोज से बात रही थी। पर कभी-कभी वह उस मोबाइल फोन से बात करती थी, जिसमें वह सिम पड़ा था जो उसने खुद के नाम पर लिया था। पुलिस ने मनोज की कॉल डिटेल निकाली तो अंकिता का वह नंबर मिल गया जो उसके नाम से पंजीकृत था।
रविवार को परिजनों ने फिर किया प्रदर्शन, विधायकों के आश्वासन पर किया अंतिम संस्कार
मनोज और रोहित लोधी की हत्या के विरोध में रविवार को परिजनों ने फिर पानखेड़ा में प्रदर्शन किया। परिजनों ने दोनों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। मौके पर पहुंचे एटा विधायक विपिन कुमार, महोबा के चरखारी से विधायक ब्रजभूषण सिंह ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद घरवालों ने दोनों विधायकों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया।
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डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि सिपाही महेंद्र फरवरी से मनोज की हत्या की साजिश रच रहा था। सिपाही होने के चलते उसे इस बात का पता था कि सर्विलांस की मदद से बड़ी आसानी से पुलिस उस तक पहुंच सकती है। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज पर दो सिमकार्ड खरीदे। एक नया कीपैड वाला मोबाइल फोन खरीदकर पत्नी को दिया।
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एक सिमकार्ड पत्नी के मोबाइल में लगाया और एक सिमकार्ड खुद इस्तेमाल करने लगा। उसने पत्नी अंकिता को हिदायत दी थी कि वह प्रेमी और उससे कीपैड वाले मोबाइल से बात करेगी। उसने पत्नी को यह भी बताया था कि जब वारदात के बाद पुलिस मनोज के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालेगी तो फर्जी दस्तावेज पर खरीदे गए सिमकार्ड व कीपैड वाले मोबाइल का आईएमईआई नंबर पुलिस को मिलेगा। ऐसे में पुलिस सर्विलांस की मदद से उन तक नहीं पहुंच सकेगी।
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अयोध्या से आकर वारदात को दिया अंजाम और फिर ड्यूटी पर लौटा
डीसीपी ने बताया कि आरोपी सिपाही की अयोध्या में ड्यूटी लगी थी। 21 मार्च को उसे लौटना था। साजिश के तहत उसने भांजे व दोनों साथियों को उसी दिन वारदात अंजाम देने के लिए कहा। आरोपी महेंद्र अयोध्या से ड्यूटी से लौटा और पत्नी अंकिता से प्रेमी मनोज को फोन कर मिलने के लिए बुलाया। अंकिता ने करीब 30 से 35 बार मनोज को कॉल की। मनोज जब मिलने के तैयार हो गया और बरकतनगर आने की बात कही तो अंकिता ने पति को इसकी खबर दे दी। महेंद्र व अन्य आरोपियों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हमले के दौरान सिपाही महेंद्र की अंगुली में चोट भी लगी। वारदात के बाद आरोपी लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन पहुंचा और ड्यूटी जॉइन कर ली। इसके बाद उसने तबीयत खराब होने की बात कही और बेड रेस्ट लेकर गांव आ गया।
कॉल डिटेल से सामने आई साजिश
अंकिता दिसंबर से पति के दिए गए मोबाइल फोन से ही प्रेमी मनोज से बात रही थी। पर कभी-कभी वह उस मोबाइल फोन से बात करती थी, जिसमें वह सिम पड़ा था जो उसने खुद के नाम पर लिया था। पुलिस ने मनोज की कॉल डिटेल निकाली तो अंकिता का वह नंबर मिल गया जो उसके नाम से पंजीकृत था।
रविवार को परिजनों ने फिर किया प्रदर्शन, विधायकों के आश्वासन पर किया अंतिम संस्कार
मनोज और रोहित लोधी की हत्या के विरोध में रविवार को परिजनों ने फिर पानखेड़ा में प्रदर्शन किया। परिजनों ने दोनों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। मौके पर पहुंचे एटा विधायक विपिन कुमार, महोबा के चरखारी से विधायक ब्रजभूषण सिंह ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद घरवालों ने दोनों विधायकों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया।