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Lucknow News: लविवि के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के लैपटाॅप में कैद है लीक पेपर का राज
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लविवि
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को पेपर लीक कराने का प्रलोभन देने के मामले में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह के लैपटाॅप और मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। आरोपी के लैपटाॅप में पेपर लीक का राज कैद है। फोरेंसिक जांच के बाद ही लीक पेपर के सैंपल सामने आएंगे।
आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह कई छात्राओं के संपर्क में था। आरोपी के फोन से कई छात्राओं से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। जांच के लिए गठित की गई टीम अब वर्तमान और पूर्व छात्राओं के बयान दर्ज करने की तैयारी में है। पुलिस ने भी कुछ छात्राओं का ब्योरा निकाला है। यह पता लगाया जा रहा है कि पेपर लीक कराने का प्रलोभन देकर आरोपी ने और किन छात्राओं से संपर्क किया था। आरोपी का कॉल डिटेल रिकाॅर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन से अहम साक्ष्य मिले हैं। आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर और कितनी छात्राओं कर उत्पीड़न किया है, इसके बारे में छानबीन की जा रही है। आरोपी के डिपार्टमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
पुराने रिकॉर्ड भी खंगालेगी पुलिस
आरोपी शिक्षक लखनऊ विश्वविद्यालय में तैनाती के बाद से किन-किन पदों पर रहा है, इसकी सूची भी बनाई जाएगी। इसके अलावा पूर्व में आरोपी के खिलाफ किसी ने शिकायत की थी या नहीं, अगर की गई थी तो क्या कार्रवाई हुई। इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। इस पूरे मामले ने विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल किया है। इसके पहले भी पेपर लीक से जुड़ा एक मामला लखनऊ विश्वविद्यालय में सामने आया था। तब उस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। हालांकि, मामला बाद में ठंडे बस्ते में चला गया था।
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आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह कई छात्राओं के संपर्क में था। आरोपी के फोन से कई छात्राओं से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। जांच के लिए गठित की गई टीम अब वर्तमान और पूर्व छात्राओं के बयान दर्ज करने की तैयारी में है। पुलिस ने भी कुछ छात्राओं का ब्योरा निकाला है। यह पता लगाया जा रहा है कि पेपर लीक कराने का प्रलोभन देकर आरोपी ने और किन छात्राओं से संपर्क किया था। आरोपी का कॉल डिटेल रिकाॅर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन से अहम साक्ष्य मिले हैं। आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर और कितनी छात्राओं कर उत्पीड़न किया है, इसके बारे में छानबीन की जा रही है। आरोपी के डिपार्टमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
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पुराने रिकॉर्ड भी खंगालेगी पुलिस
आरोपी शिक्षक लखनऊ विश्वविद्यालय में तैनाती के बाद से किन-किन पदों पर रहा है, इसकी सूची भी बनाई जाएगी। इसके अलावा पूर्व में आरोपी के खिलाफ किसी ने शिकायत की थी या नहीं, अगर की गई थी तो क्या कार्रवाई हुई। इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। इस पूरे मामले ने विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल किया है। इसके पहले भी पेपर लीक से जुड़ा एक मामला लखनऊ विश्वविद्यालय में सामने आया था। तब उस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। हालांकि, मामला बाद में ठंडे बस्ते में चला गया था।
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