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Lucknow News: दाखिल खारिज की दरें होंगी कम, मिलेगी राहत
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नगर निगम मुख्यालय में शनिवार को बैठक करते नगर आयुक्त गौरव कुमार, महापौर सुषमा खर्कवाल और चरनजीत
- फोटो : संस्थान
लखनऊ। नगर निगम कार्यकारिणी ने संपत्तियों के नामांतरण (दाखिल-खारिज) शुल्क की दरों में कमी कर दी है। यह राहत केवल पारिवारिक और रक्त संबंधी मामलों में मिलेगी। हालांकि, इसे लागू होने में करीब पांच महीने का समय लगेगा।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि प्रदेशभर के नगरीय निकायों में नामांतरण शुल्क के नाम पर चल रही मनमानी रोकने के लिए शासन ने नगर निगम (निर्धारण सूची में संशोधन और परिवर्तन) मानक उपविधि 2025 लागू की है। इसे 29 अगस्त को सदन से पास कराने के बाद लागू कर दिया जाएगा।
पहले वसीयत या बंटवारे पर दाखिल-खारिज कराने में 5000 रुपये शुल्क देना पड़ता था। अब संशोधित दरों के अनुसार, 1000 वर्गफुट तक के मकान पर केवल 1000 रुपये, 2000 वर्गफुट तक 2000 रुपये, 3000 वर्गफुट तक 3000 रुपये और 3000 वर्गफुट से बड़े मकान पर 5000 रुपये शुल्क देना होगा।
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नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि उपविधि को सदन से पास होने के बाद शासन को भेजा जाएगा और नागरिकों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैनामा के मामलों में पूर्व की दरें ही लागू होंगी। वही, अन्य प्रकरणों में शुल्क की दर डीएम द्वारा तय सर्किल रेट या पंजीकरण विलेख में अंकित धनराशि ''जो अधिक हो'' के आधार पर तय की जाएगी। ऐसे मामलों में पांच लाख रुपये तक मूल्य पर 1000 रुपये, पांच से दस लाख पर 2000 रुपये, दस से पंद्रह लाख पर 3000 रुपये, पंद्रह से पचास लाख पर 5000 रुपये और पचास लाख से ऊपर पर 10,000 रुपये शुल्क देना होगा।
देरी पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने दाखिल-खारिज में देरी पर लेट फीस का भी प्रावधान किया है। यदि बैनामा कराने के तीन महीने के भीतर नामांतरण नहीं कराया गया तो प्रति माह करीब 200 रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
पशु चिकित्सकों का पारिश्रमिक बढ़ा
कार्यकारिणी ने कान्हा उपवन गौशाला स्थित सिद्धार्थ चिकित्सालय में कार्यरत चार पशु चिकित्सकों का मासिक पारिश्रमिक 40,000 रुपये से बढ़ाकर 56,000 रुपये कर दिया है। इंदिरा नगर स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर पर श्वानों के बंध्याकरण के लिए चयनित संस्था का लंबित भुगतान करने का भी निर्णय लिया गया। अब नगर निगम क्षेत्र में बिल्ली पालने वालों को 500 रुपये वार्षिक शुल्क पर लाइसेंस लेना होगा। साथ ही निगम के कैटिल कैचिंग विभाग का नाम बदलकर पशु कल्याण विभाग कर दिया गया है।
सांस्कृतिक और धार्मिक पहल
नगर निगम ने अपनी भूमि पर भारतेंदु नाट्य अकादमी की नई शाखा स्थापित करने का निर्णय लिया है। सरोजनीनगर क्षेत्र की बंजर भूमि पर छठ पूजा स्थल विकसित किया जाएगा। विद्यावती वार्ड की ग्रीन बेल्ट को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुसार नाम दिए गए हैं। इसके अलावा निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिनेमा हॉलों पर शो टैक्स भी बढ़ा दिया है। अब मल्टीप्लेक्स की हर स्क्रीन पर प्रति शो 300 रुपये और सिंगल स्क्रीन हॉल पर 100 रुपये टैक्स वसूला जाएगा।
जलकल की चार फर्मों पर गाज
कार्यकारिणी ने जलकल विभाग की चार फर्मों पर कार्रवाई का निर्णय लिया है। इनमें मेसर्स किसान मजदूर श्रम संविदा सहकारी समिति लिमिटेड, मेसर्स के.एम.बी. इलेक्ट्रिकल्स, मेसर्स प्रतीक्षा एसोसिएट और मेसर्स अभिषेक इंटरप्राइजेज शामिल हैं। कठौता झील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का पुनः टेंडर किया जाएगा और पुरानी फर्म का टेंडर समाप्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई होगी।
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महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि प्रदेशभर के नगरीय निकायों में नामांतरण शुल्क के नाम पर चल रही मनमानी रोकने के लिए शासन ने नगर निगम (निर्धारण सूची में संशोधन और परिवर्तन) मानक उपविधि 2025 लागू की है। इसे 29 अगस्त को सदन से पास कराने के बाद लागू कर दिया जाएगा।
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पहले वसीयत या बंटवारे पर दाखिल-खारिज कराने में 5000 रुपये शुल्क देना पड़ता था। अब संशोधित दरों के अनुसार, 1000 वर्गफुट तक के मकान पर केवल 1000 रुपये, 2000 वर्गफुट तक 2000 रुपये, 3000 वर्गफुट तक 3000 रुपये और 3000 वर्गफुट से बड़े मकान पर 5000 रुपये शुल्क देना होगा।
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नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि उपविधि को सदन से पास होने के बाद शासन को भेजा जाएगा और नागरिकों से आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैनामा के मामलों में पूर्व की दरें ही लागू होंगी। वही, अन्य प्रकरणों में शुल्क की दर डीएम द्वारा तय सर्किल रेट या पंजीकरण विलेख में अंकित धनराशि ''जो अधिक हो'' के आधार पर तय की जाएगी। ऐसे मामलों में पांच लाख रुपये तक मूल्य पर 1000 रुपये, पांच से दस लाख पर 2000 रुपये, दस से पंद्रह लाख पर 3000 रुपये, पंद्रह से पचास लाख पर 5000 रुपये और पचास लाख से ऊपर पर 10,000 रुपये शुल्क देना होगा।
देरी पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने दाखिल-खारिज में देरी पर लेट फीस का भी प्रावधान किया है। यदि बैनामा कराने के तीन महीने के भीतर नामांतरण नहीं कराया गया तो प्रति माह करीब 200 रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
पशु चिकित्सकों का पारिश्रमिक बढ़ा
कार्यकारिणी ने कान्हा उपवन गौशाला स्थित सिद्धार्थ चिकित्सालय में कार्यरत चार पशु चिकित्सकों का मासिक पारिश्रमिक 40,000 रुपये से बढ़ाकर 56,000 रुपये कर दिया है। इंदिरा नगर स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर पर श्वानों के बंध्याकरण के लिए चयनित संस्था का लंबित भुगतान करने का भी निर्णय लिया गया। अब नगर निगम क्षेत्र में बिल्ली पालने वालों को 500 रुपये वार्षिक शुल्क पर लाइसेंस लेना होगा। साथ ही निगम के कैटिल कैचिंग विभाग का नाम बदलकर पशु कल्याण विभाग कर दिया गया है।
सांस्कृतिक और धार्मिक पहल
नगर निगम ने अपनी भूमि पर भारतेंदु नाट्य अकादमी की नई शाखा स्थापित करने का निर्णय लिया है। सरोजनीनगर क्षेत्र की बंजर भूमि पर छठ पूजा स्थल विकसित किया जाएगा। विद्यावती वार्ड की ग्रीन बेल्ट को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुसार नाम दिए गए हैं। इसके अलावा निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिनेमा हॉलों पर शो टैक्स भी बढ़ा दिया है। अब मल्टीप्लेक्स की हर स्क्रीन पर प्रति शो 300 रुपये और सिंगल स्क्रीन हॉल पर 100 रुपये टैक्स वसूला जाएगा।
जलकल की चार फर्मों पर गाज
कार्यकारिणी ने जलकल विभाग की चार फर्मों पर कार्रवाई का निर्णय लिया है। इनमें मेसर्स किसान मजदूर श्रम संविदा सहकारी समिति लिमिटेड, मेसर्स के.एम.बी. इलेक्ट्रिकल्स, मेसर्स प्रतीक्षा एसोसिएट और मेसर्स अभिषेक इंटरप्राइजेज शामिल हैं। कठौता झील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का पुनः टेंडर किया जाएगा और पुरानी फर्म का टेंडर समाप्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई होगी।