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Lucknow News: गवाही देने गए वादी पर कचहरी में हमला

Wed, 10 Sep 2025 02:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:49 AM IST
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The plaintiff who went to testify was attacked in the court
लखनऊ। गोसाईंगंज स्थित ओमेक्स रेजीडेंसी में वर्ष 2019 में कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के फ्लैट में डकैती का मामला फिर सुर्खियों में है। उन्होंने वजीरगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ एक और एफआईआर कराई है। पीड़ित का आरोप है कि वह कचहरी में गोसाईंगंज थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे की गवाही में गए थे। इस दौरान आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
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मूल रूप से सुल्तानुपर के लोहंगी धनपतगंज निवासी अंकित के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2019 में मधुकर मिश्रा, प्रदीप सिह, यशराज तिवारी, आशीष, पवन, राधाकृष्ण, बीना सिंह और आनंद के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज कराई थी। मुकदमे में सोमवार को गवाही होनी थी, लेकिन अगली तारीख मिल गई। अंकित का आरोप है कि जैसे ही वह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय से निकले, आरोपियों ने साथी अधिवक्ता पीयूष श्रीवास्तव की अगुवाई में उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों के साथ 20-25 वकील भी थे।
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अंकित को उनके अधिवक्ता नीरज सिंह ने बचाया, लेकिन उनके साथ भी धक्कामुक्की की गई। अंकित के साथ आए लकी वर्मा को भी आरोपियों ने पीटा। अंकित अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय कक्ष में जाकर छिप गए। पीड़ित का कहना है कि घटना सीसीटीवी में कैद है। आरोपियों ने गवाही के दौरान पहचान करने पर जान से मारने की धमकी दी है। इंस्पेक्टर वजीरगंज के मुताबिक तहरीर के आधार पर मधुकर मिश्रा, प्रदीप, यशराज, आशीष, पवन, राधाकृष्ण, बीना सिंह व 25 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। फुटेज से हमलावरों की पहचान होगी।
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पुलिसकर्मियों के साथ वकीलों ने डाला था डाका

मार्च 2019 में ओमेक्स अपार्टमेंट में रहने वाले अंकित के फ्लैट पर तीन करोड़ रुपये ब्लैकमनी रखी होने की सूचना पर वकीलों के साथ पहुंचे पुलिसकर्मियों ने 1.85 करोड़ रुपये लूट लिए थे। इसके बाद फ्लैट में मिले युवकों और शेष 1.53 करोड़ रुपये के साथ थाने पहुंचे थे। अंकित ने डकैती का आरोप लगाया तो तत्कालीन एसएसपी कलानिधि नैथानी ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी। छानबीन में दो दरोगा आशीष तिवारी और पवन मिश्रा के घर से 36 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया था। छानबीन के बाद दरोगा आशीष तिवारी, पवन मिश्रा, कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत सात के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज की गई थी। मुकदमे में आरोपी मधुकर ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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