{"_id":"616336208ebc3e7637774e20","slug":"the-manager-had-fired-in-air-before-suicide-lucknow-news-lko5995288165","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोमती होटल के बार मैनेजर ने खुदकुशी के पहले की थी हवाई फायरिंग, शरीर में मिली दो गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोमती होटल के बार मैनेजर ने खुदकुशी के पहले की थी हवाई फायरिंग, शरीर में मिली दो गोली
विज्ञापन
खुदकुशी करने वाले बार मैनेजर अशोक पाठक।
- फोटो : ??? ?????
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोमती होटल के बार मैनेजर (बार मैन) अशोक पाठक की खुदकुशी के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए हैं। पाठक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बताती है कि खुदकुशी के लिए दो गोलियां मारी गईं।
दोनों गोलियां जबड़े के नीचे सटाकर 4 सेमी के अंतर पर चलाई गईं। दोनों गोलियां सिर में फंसीं मिलीं। वहीं खुदकुशी से पहले उन्होंने हवाई फायर भी किया था। रिवॉल्वर के चैम्बर में तीन खोखे फंसे मिले हैं।
2 फरवरी 2017 को डॉ. जयदीप सरकार की खुदकुशी के मामले में भी दो गोलियां मारे जाने की बात सामने आई थी। तब भी दो गोलियों को लेकर मामले की गुत्थी उलझ गई थी।
विज्ञापन
मूलरूप से आगरा के रहने वाले पाठक पर्यटन विभाग के सप्रू मार्ग स्थित गोमती होटल में बार मैन के पद पर तैनात थे। बेटे शशांक के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे किसी की कॉल आई। पिता उससे गुस्से में बातें कर रहे थे।
इसके बाद उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और एक राउंड हवा में फायर किया। इसके कुछ देर बाद वह छत पर गए और दो गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंचा तो देखा पिता खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सिर में गोली फंसने और अधिक खून बहने से हुई मौत
पुलिस के मुुताबिक अशोक पाठक के शव का पोस्टमॉर्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के सामने किया गया। इस दौरान वीडियो व फोटोग्राफी भी कराई गई। डॉक्टरों केमुताबिक सिर में गोली फंसने और अधिक रक्तस्राव के कारण ही मौत हुई है।
डॉ. जयदीप सरकार मामले में भी उठे थे सवाल-आखिर खुदकुशी करने वाला कैसे कोई दो गोलियां मार सकता है
डॉ. जयदीप सरकार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दो गोलियां मारे जाने की पुष्टि हुई थी। पिस्टल से एक गोली माथे पर तो दूसरी कनपटी में मारी गई थी। इस रिपोर्ट के बाद मामला पेंचीदा हो गया था। सवाल उठे थे कि आखिर एक गोली मारने के बाद क्या कोई इस स्थिति में रह सकता है कि वह दूसरी गोली चला सके। वह भी सिर के हिस्से में।
...तो क्या गिरने पर चली दूसरी गोली
अगर पाठक ने पहले गोली चलाई तो क्या वह इस स्थिति में रहे थे कि वह दूसरा फायर कर सकें? वह भी जबड़े के निचले हिस्से में गोली मारने के बाद जो कि सिर में जाकर फंस गई। आश्चर्यजनक यह भी है कि दूसरी गोली जबड़े के निचले हिस्से में ही दूसरी तरफ मारी गई। दूसरी आश्चर्यजनक बात यह भी है कि ये गोलियां रिवॉल्वर से मारी गईं, जिसमें फायर करने में ताकत लगती है। जबड़े में एक गोली लगने के बाद क्या वह इस दशा में रहे होंगे कि दूसरी गोली चला सकें? बहरहाल पुलिस का मानना है कि हो सकता है दूसरा राउंड पाठक के जमीन पर गिरने से फायर हो गया हो।
विज्ञापन
दोनों गोलियां जबड़े के नीचे सटाकर 4 सेमी के अंतर पर चलाई गईं। दोनों गोलियां सिर में फंसीं मिलीं। वहीं खुदकुशी से पहले उन्होंने हवाई फायर भी किया था। रिवॉल्वर के चैम्बर में तीन खोखे फंसे मिले हैं।
विज्ञापन
2 फरवरी 2017 को डॉ. जयदीप सरकार की खुदकुशी के मामले में भी दो गोलियां मारे जाने की बात सामने आई थी। तब भी दो गोलियों को लेकर मामले की गुत्थी उलझ गई थी।
विज्ञापन
मूलरूप से आगरा के रहने वाले पाठक पर्यटन विभाग के सप्रू मार्ग स्थित गोमती होटल में बार मैन के पद पर तैनात थे। बेटे शशांक के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे किसी की कॉल आई। पिता उससे गुस्से में बातें कर रहे थे।
इसके बाद उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर निकाली और एक राउंड हवा में फायर किया। इसके कुछ देर बाद वह छत पर गए और दो गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। जब वह छत पर पहुंचा तो देखा पिता खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सिर में गोली फंसने और अधिक खून बहने से हुई मौत
पुलिस के मुुताबिक अशोक पाठक के शव का पोस्टमॉर्टम फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के सामने किया गया। इस दौरान वीडियो व फोटोग्राफी भी कराई गई। डॉक्टरों केमुताबिक सिर में गोली फंसने और अधिक रक्तस्राव के कारण ही मौत हुई है।
डॉ. जयदीप सरकार मामले में भी उठे थे सवाल-आखिर खुदकुशी करने वाला कैसे कोई दो गोलियां मार सकता है
डॉ. जयदीप सरकार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दो गोलियां मारे जाने की पुष्टि हुई थी। पिस्टल से एक गोली माथे पर तो दूसरी कनपटी में मारी गई थी। इस रिपोर्ट के बाद मामला पेंचीदा हो गया था। सवाल उठे थे कि आखिर एक गोली मारने के बाद क्या कोई इस स्थिति में रह सकता है कि वह दूसरी गोली चला सके। वह भी सिर के हिस्से में।
...तो क्या गिरने पर चली दूसरी गोली
अगर पाठक ने पहले गोली चलाई तो क्या वह इस स्थिति में रहे थे कि वह दूसरा फायर कर सकें? वह भी जबड़े के निचले हिस्से में गोली मारने के बाद जो कि सिर में जाकर फंस गई। आश्चर्यजनक यह भी है कि दूसरी गोली जबड़े के निचले हिस्से में ही दूसरी तरफ मारी गई। दूसरी आश्चर्यजनक बात यह भी है कि ये गोलियां रिवॉल्वर से मारी गईं, जिसमें फायर करने में ताकत लगती है। जबड़े में एक गोली लगने के बाद क्या वह इस दशा में रहे होंगे कि दूसरी गोली चला सकें? बहरहाल पुलिस का मानना है कि हो सकता है दूसरा राउंड पाठक के जमीन पर गिरने से फायर हो गया हो।