लखनऊ। जंगल से सटे इलाकों में तेंदुए की अचानक मौजूदगी या घायल वन्यजीव की सूचना अब चिंता का कारण नहीं बनेगी। अवध वन प्रभाग को पहली बार अत्याधुनिक रेस्क्यू वैन ‘सारस’ मिली है, जिससे उत्पाती वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने के साथ-साथ घायल पशुओं के त्वरित उपचार का काम तेज और प्रभावी हो जाएगा। एमजीएस ग्रुप की ओर से उपलब्ध कराई गई यह रेस्क्यू वैन एक चलती-फिरती वन्यजीव क्लीनिक की तरह है। इसमें वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने के लिए विशेष पिंजरा, स्ट्रेचर, रेस्क्यू उपकरण, प्राथमिक उपचार किट औश्र चिकित्सकों के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। इससे मौके पर ही घायल पशुओं को प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा और आबादी में भटककर आ गए वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू भी संभव होगा।
डीएफओ शितांशु पांडेय ने बताया कि अब तक अवध वन प्रभाग के पास इस तरह की कोई समर्पित रेस्क्यू वैन नहीं थी। इस सुविधा के मिलने से न केवल वन्यजीवों की जान बचाई जा सकेगी, बल्कि वन्यजीव और इंसान के बीच बढ़ते टकराव को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।

अवध वन प्रभाग को मिली वैन।