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Lucknow News: डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह का सरगना दो साथियों के साथ गिरफ्तार

Sat, 26 Jul 2025 02:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jul 2025 02:02 AM IST
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The leader of the gang that made digital arrests was arrested along with two of his associates
गिरफ्त में सरगना चित्रांश। 
लखनऊ। फर्जी सीबीआई अफसर बनकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख रुपये हड़पने के तीन और आरोपियों को साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का सरगना भी शामिल है, जो ठगी की रकम चीन के साइबर अपराधियों को भेजता था। इससे पहले बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक 18 जुलाई को रीता भसीन ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया था। जालसाजों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख रुपये ठग लिए थे। मामले की छानबीन के दौरान जिन खातों में रकम स्थानांतरित की गई थी, उनकी पड़ताल की गई। इसके बाद किराये पर बैंक खाते देने वाले सुल्तानपुर के बल्दिराय डेंगुर तिवारी निवासी अनुराग तिवारी, रायबरेली के जवाहर विहार कॉलोनी के प्रखर प्रताप सिंह और अंबेडकरनगर में आईटीआई कॉलोनी के अनुपम सिंह को गिरफ्तार किया गया था।
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इनसे पूछताछ के बाद गिरोह के सरगना इंदिरानगर के सेक्टर ए निवासी चित्रांश कुंवर, उसके साथी खुर्रमनगर के मो. जैद और सुग्गामऊ के मोहन कुमार रावत को भी पकड़ा गया। पूछताछ में चित्रांश ने बताया कि वह ठगी की रकम दुबई और चीन में बैठे साइबर अपराधियों को डॉलर में भेजता था। चित्रांश का काम अलग-अलग खातों में जमा रकम को निकालकर ठगों को भेजना था। इसके लिए उसे मोटा कमीशन मिलता था। ठग आपस में टेलीग्राम एप पर बात करते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हैं। इनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि ठगों ने रीता भसीन को फोन कर जेल भेजने की धमकी दी थी। आरोपियों ने कहा था कि उनका मोबाइल नंबर और आधार का इस्तेमाल अवैध कामों में किया गया है। इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख रुपये हड़पे थे। पुलिस ने ठगों के खाते से 10.50 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। जल्द ही रकम रीता भसीन को वापस दिलाई जाएगी।
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