वन विभाग से ज्यादा शातिर निकला तेंदुआ, पिंजरे में बांधे गए बकरे को खाकर हुआ चंपत
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सदरपुर थाना क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ बेहद शातिर है। हालत यह है कि वह कांबिंग में जुटी वन विभाग की टीम को खूब छका रहा है। वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए रखे गए पिंजड़े में बकरा बांध रखा था।
शुक्रवार की रात तेंदुआ उस बकरे को चट कर गया और वन विभाग उसकी राह ही तकता रह गया। तेंदुआ के इस चालाकी भरे कदम से लोग अब वन विभाग के प्रयासों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
बता दें कि वन विभाग ने सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर व बेनी माधवपुर के बीच तेंदुआ को दबोचने के लिए पिंजड़ा लगाया है। तेंदुआ पिंजड़े के अंदर पहुंचे, इसको लेकर एक बकरा भी वन विभाग ने पिंजड़े में ही बांध रखा था।
पिंजड़ा लगाते समय वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी क्षेत्र के बाशिंदों के सामने बड़ी बड़ी डींगे हांक रहे थे। कोई कह रहा था कि इस क्षेत्र में तेंदुआ है ही नहीं, तो कोई कह रहा था, कि अगर है तो बस उसे कुछ ही घंटों में कैद कर लिया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के दावे से क्षेत्र के बाशिंदों को विश्वास होने लगा कि अब तो तेंदुआ की दहशत से निजात मिल जाएगी। लेकिन तेंदुआ इस कदर चालाक निकला, कि उसने सबके होश उड़ाकर रख दिए।
शुक्रवार की रात तेंदुआ न सिर्फ उस जगह पर पहुंचा, जहां पर पिंजड़ा लगा हुआ था। बल्कि पिंजड़े के अंदर चला गया और उसके अंदर बंधे बकरे को अपना शिकार बनाकर आसानी से चलता बना।
वन विभाग की टीमें निगरानी का ही ढिंढोरा पीटती रह गईं और तेंदुआ पिंजड़े के अंदर मौजूद बकरे को चट करके निकल गया। सुबह जब इस बात की जानकारी वन विभाग को हुई, तो रेंजर आरसी यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पड़ताल में जुट गए।
इस दौरान पिंजड़े के आसपास तेंदुआ के पंजों के निशान मिले हैं। वन विभाग को उम्मीद है कि तेंदुआ बकरे के बचे हुए कुछ अवशेषों को खाने के लिए दोबारा पिंजड़े में आएगा, तब उसे दबोच लिया जाएगा। वन विभाग भले ही ऐसे दावे कर रहा हो, लेकिन क्षेत्र के बाशिंदों को अब विश्वास नहीं हो रहा।
तकनीकी ज्ञान नहीं, या पिंजड़ा गड़बड़...!
पिंजड़े में मौजूद बकरे को तेंदुआ चट कर गया, तेंदुआ पिंजड़े में मौजूद रहा। बावजूद इसके पिंजड़ा बंद नहीं हुआ। इसको लेकर अब क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्र के अधिकांश बाशिंदों का कहना है कि या तो वन विभाग के कर्मचारियों को पिंजड़े के बारे में जानकारी नहीं है या फिर पिंजड़े में ही तकनीकी खामी है।
जिसकी वजह से ऐन वक्त पर पिंजड़े का गेट बंद ही नहीं हो सका। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिंजड़े के बंद होने को लेकर तकनीकी खराबी नहीं है। यह महज इत्तफाक है कि तेंदुआ कैद नहीं हो सका।
बगल से निकला तेंदुआ
शुक्रवार को दो और ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने की पुष्टि की है। क्षेत्र के सरैंया महीपत सिंह निवासी गणेश शंकर व गजराज वर्मा ने बताया कि वे दोनों लोग कस्बा बाजार से बाइक पर सवार होकर वापस घर जा रहे थे।
इसी बीच रास्ते में बेनी माधवपुर के निकट उन्होंने तेंदुआ को देखा। दोनों ने बताया कि तेंदुआ उनकी बाइक से कुछ फीट की दूरी पर से ही निकल गया। उस दौरान तेंदुआ नहर की तरफ जा रहा था।