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Lucknow News: एक साथ उठी मां-बेटे की अर्थी, हर आंख नम
Thu, 04 Dec 2025 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:12 AM IST
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लुखारिया खेड़ा गांव में मां-बेटे का शव पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन।
लखनऊ। काकोरी क्षेत्र के मोहान रोड स्थित लुखारिया खेड़ा गांव में बुधवार शाम उस समय मातम छा गया, जब सड़क हादसे में जान गंवाने वाली राधा (45) और उनके बेटे अभिषेक राजपूत (20) के शव एक साथ घर पहुंचे। दो अर्थियों को देखकर पूरा गांव सन्न रह गया।
बड़ी बेटी अंशिका, छोटी आयुषी और बेटा शौर्य रोते हुए बेसुध हो गए, जिन्हें परिजनों और ग्रामीणों ने संभाला। गांव के बाहर मां-बेटे का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। राधा की चिता को उनके जेठ किसान प्रेम राजपूत ने मुखाग्नि दी, जबकि भतीजे अभिषेक को परिवार और रिश्तेदारों ने कंधा दिया। दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गांव में हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल था की अब इन मासूम बच्चों का सहारा कौन बनेगा? आयुषी (10) कक्षा-6 और शौर्य (7) कक्षा-3 में गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत सभी शिक्षक गांव पहुंचकर बच्चों को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा देकर लौटे। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए शिक्षकों की आंखें भी भर आईं।
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मंगलवार शाम मां-बेटा बाराबंकी में रिश्तेदार के यहां एक दाह संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। किसान पथ स्थित चकौली–बेहटा अंडरपास के पास हाईवे डिवाइडर पर वे हादसे का शिकार हो गए थे। परिजनों ने बताया कि अभिषेक ही घर का इकलौता सहारा था। सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और राधा की बड़ी बेटी को सहायता राशि देते हुए परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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बड़ी बेटी अंशिका, छोटी आयुषी और बेटा शौर्य रोते हुए बेसुध हो गए, जिन्हें परिजनों और ग्रामीणों ने संभाला। गांव के बाहर मां-बेटे का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। राधा की चिता को उनके जेठ किसान प्रेम राजपूत ने मुखाग्नि दी, जबकि भतीजे अभिषेक को परिवार और रिश्तेदारों ने कंधा दिया। दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
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गांव में हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल था की अब इन मासूम बच्चों का सहारा कौन बनेगा? आयुषी (10) कक्षा-6 और शौर्य (7) कक्षा-3 में गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका समेत सभी शिक्षक गांव पहुंचकर बच्चों को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा देकर लौटे। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए शिक्षकों की आंखें भी भर आईं।
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मंगलवार शाम मां-बेटा बाराबंकी में रिश्तेदार के यहां एक दाह संस्कार में शामिल होकर घर लौट रहे थे। किसान पथ स्थित चकौली–बेहटा अंडरपास के पास हाईवे डिवाइडर पर वे हादसे का शिकार हो गए थे। परिजनों ने बताया कि अभिषेक ही घर का इकलौता सहारा था। सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और राधा की बड़ी बेटी को सहायता राशि देते हुए परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

लुखारिया खेड़ा गांव में मां-बेटे का शव पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन।

लुखारिया खेड़ा गांव में मां-बेटे का शव पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन।