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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The day and time of death is fixed... Dr. Shambhu Nath died on the stage as soon as he said this

Lucknow News: मृत्यु का दिन और समय निश्चित है... कहते ही मंच पर डॉ. शंभुनाथ का हो गया निधन

Sun, 31 Aug 2025 02:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 02:30 AM IST
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The day and time of death is fixed... Dr. Shambhu Nath died on the stage as soon as he said this
हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स
लखनऊ। मृत्यु का दिन और समय निश्चित है, उसे कोई बदल नहीं सकता। जैसी हो भवतव्यता वैसी मिले सहाय, ताहि न जाए तहां पर ताहि तहां ले जाए। बस, यही बोलते-बोलते प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और साहित्यकार डॉ. शंभुनाथ (80) अचानक मौत के आगोश में समा गए। शनिवार शाम उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में लेखिका मनोरमा श्रीवास्तव के कर्ण पर आधारित उपन्यास के विमोचन समारोह में वह बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। वक्तव्य देते समय उनका निधन हो गया।
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हैरत वाली बात यह है कि वह मृत्यु पर ही बोल रहे थे। अचानक उनका सिर मेज पर झुकता चला गया और वे अचेत हो गए। अगले ही पल काल के पंजों ने उन्हें झपट लिया। जिस वक्त यह अप्रत्याशित घटना हुई, उस समय डॉ. शंभुनाथ की पत्नी चंदा भी सभागार में थीं। सभी लोग उन्हें लेकर सिविल अस्पताल भागे, जहां मृत घोषित कर दिया गया।
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घटना के वक्त मंच का संचालन कवि सर्वेश अस्थाना कर रहे थे। मंच पर मनोरमा श्रीवास्तव, दूरदर्शन के सहायक निदेशक आत्मप्रकाश मिश्र, वरिष्ठ कवि बुद्धिनाथ मिश्र, हिंदी संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक अमिता दुबे और वरिष्ठ रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ समेत जाने माने साहित्यकार मौजूद थे। डॉ. शंभुनाथ की अचानक इस तरह से मृत्यु होने पर अफरातफरी मच गई। डॉ. शंभुनाथ 1970 बैच के आईएएस थे। 2007 में प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे।
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जिस हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष रहे, वहीं ली अंतिम सांस
डॉ. शंभुनाथ उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे। उसी हिंदी संस्थान में उन्होंने अंतिम सांस भी ली। उनका प्रशासनिक कॅरिअर शानदार रहा। वे राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रमुख सचिव भी रहे। उन्हें लेखन का गहरा शौक था।

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

हिंदी संस्थान में उपन्यास के विमोचन समारोह में वक्तव्य देते समय प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और स

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