{"_id":"686ed3a1d084dcb7d50c7416","slug":"the-culture-of-the-whole-country-will-be-seen-in-uttarakhand-festival-lucknow-news-c-13-knp1002-1285737-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: उत्तराखंड महोत्सव में दिखेगी पूरे देश की संस्कृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: उत्तराखंड महोत्सव में दिखेगी पूरे देश की संस्कृति
विज्ञापन
लखनऊ। उत्तराखंड महोत्सव 2025 को भव्य रूप देने के लिए बुधवार को कुर्मांचल नगर स्थित मोहन सिंह बिष्ट सभागार में हरीश चंद पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। महोत्सव में इस बार पूरे देश की संस्कृति
दिखेगी। उत्तराखंड महापरिषद ने निर्णय लिया कि इस बार नौ से 18 नवंबर तक आयोजन बीरबल साहनी मार्ग स्थित पं. गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में मनाया जाएगा।
हरीश चंद पंत ने बताया कि महोत्सव में अन्य प्रदेशों की पारंपरिक झलकियों को भी मंच दिया जाएगा। महासचिव भरत सिंह बिष्ट व सांस्कृतिक सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि नाचेगा भारत प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य कलाकार पेश करेंगे।
विज्ञापन
पूरन सिंह जीना ने बताया कि 35 महिला टीम लीडर पारंपरिक झोड़ा नृत्य की प्रस्तुति देंग। संयोजक दीवान सिंह अधिकारी ने कहा कि स्टॉलों पर हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक परिधान सजेंगे। साहित्यिक गोष्ठियां, लोकगाथा वाचन, कवि सम्मेलन और सामाजिक संवाद के साथ सांस्कृतिक कार्यशालाएं व प्रतियोगिताएं भी होंगी। बैठक में मंगल सिंह रावत, भुवन पटवाल, भुवन पाठक राजेश बिष्ट, महेश रौतेला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पुष्पा वैष्णव, पूनम कनवाल, राजेश बिष्ट और पूरन जोशी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दिखेगी। उत्तराखंड महापरिषद ने निर्णय लिया कि इस बार नौ से 18 नवंबर तक आयोजन बीरबल साहनी मार्ग स्थित पं. गोविंद वल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में मनाया जाएगा।
विज्ञापन
हरीश चंद पंत ने बताया कि महोत्सव में अन्य प्रदेशों की पारंपरिक झलकियों को भी मंच दिया जाएगा। महासचिव भरत सिंह बिष्ट व सांस्कृतिक सचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि नाचेगा भारत प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य कलाकार पेश करेंगे।
विज्ञापन
पूरन सिंह जीना ने बताया कि 35 महिला टीम लीडर पारंपरिक झोड़ा नृत्य की प्रस्तुति देंग। संयोजक दीवान सिंह अधिकारी ने कहा कि स्टॉलों पर हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक परिधान सजेंगे। साहित्यिक गोष्ठियां, लोकगाथा वाचन, कवि सम्मेलन और सामाजिक संवाद के साथ सांस्कृतिक कार्यशालाएं व प्रतियोगिताएं भी होंगी। बैठक में मंगल सिंह रावत, भुवन पटवाल, भुवन पाठक राजेश बिष्ट, महेश रौतेला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, पुष्पा वैष्णव, पूनम कनवाल, राजेश बिष्ट और पूरन जोशी आदि मौजूद रहे।