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चिट्ठी प्रकरण को लेकर कांग्रेस में नहीं थम रहा घमासान, अब इस नेता ने कहा पार्टी का किया सत्यानाश

Sun, 30 Aug 2020 04:31 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 30 Aug 2020 04:31 PM IST
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The Congress did not stop fighting over the letter case, now this leader said the party was annihilated
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
चिट्ठी प्रकरण को लेकर कांग्रेस में घमासान नहीं थम रहा है। अब पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि गुलाम नबी जब-जब यूपी के प्रभारी बनाए गए, पार्टी का सत्यानाश हुआ। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पर कार्रवाई के लिए लखीमपुर की जिला इकाई प्रस्ताव पारित कर चुकी है। गुलाम नबी और जितिन प्रसाद उन 23 लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए चिट्ठी लिखी थी।
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 खत्री ने सोशल मीडिया पर अपने खुले पत्र में कहा है, गुलाम नबी आजाद का इंटरव्यू सुना। इस तरह की बात सार्वजनिक रूप से करना उचित नहीं है। अब उन्होंने मौका दे ही दिया है, तो मैं भी अपनी बात रखता हूं। खत्री ने लिखा है कि वह कांग्रेस पार्टी की राजनीति में गुलाम नबी से सीनियर हैं। हालांकि दोनों ने ही अलग-अलग राज्यों की विधानसभा का पहला चुनाव 1977 में लड़ा। वर्ष 1977 से 1980 के मध्य जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर तमाम झूठे मुकदमे चल रहे थे, उस समय इंदिरा गांधी और संजय गांधी के साथ आप (गुलाम नबी) सक्रिय भूमिका में नहीं दिखे। लेकिन, जब लगा कि कांग्रेस पुन: लौट सकती है, तब दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन में गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल में बंद हुए। गुलाम नबी अपने इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश को भूल गए, जहां पर जब-जब प्रभारी बनकर आए, कांग्रेस का सत्यानाश किया।
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वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा के चुनाव में उनकी समझौतापरस्त राजनीति की सोच के चलते ही सपा से गठबंधन हुआ और कांग्रेस का बुरा हाल हुआ। खत्री ने लिखा है कि कांग्रेस पर एक क्षेत्रीय दल के नेता (जो पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं) अपना एकाधिकार चाहते हैं और कुछ लोग उनके हाथों में खेल रहे हैं।
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केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए चिट्ठी लिखने वालों में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के खिलाफ लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन हो चुका है। राज बब्बर की प्रदेश कमेटी में पदाधिकारी रह चुके एक नेता ने जितिन पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ब्राह्मण मानने से ही इनकार कर दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही लखनऊ में भी जितिन के खिलाफ पार्टी के कुछ लोग आवाज उठा सकते हैं। ये लोग मानते हैं कि जितिन को कांग्रेस पार्टी ने पद और सम्मान दिया। इसलिए उन्हें इस तरह की चिट्ठी नहीं लिखनी चाहिए थी।


कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा किसोशल मीडिया पर गुलाम नबी के बारे में मेरे हवाले से जो चल रहा है, वह मैंने ही लिखा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि मैं वक्त आने पर ही इस बारे में कुछ बोलूंगा। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
 
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि लखीमपुर में जो हुआ, वह कार्यकर्ताओं की भावनाएं हैं। कोई उन्हें व्यक्त होने से कैसे रोक सकता है। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है।
 
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