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यूपी: स्कूलों में अब भी बंट रहे हैं पूर्व सीएम अखिलेश के नाम के थाली गिलास
ब्यूरो/अमरउजाला, फैजाबाद
Updated Sat, 25 Mar 2017 03:23 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय कनकपुर में बर्तन के साथ मौजूद बच्चे
- फोटो : amar ujala
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योगी सरकार बने पांच दिन हो गए पर बेसिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री अब भी अखिलेश यादव हैं। फैजाबाद के तीन ब्लॉकों तारुन, मया, पूरा में स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के तहत दो दिन से थाली गिलास बांटे जा रहे हैं। बांटी जा रही थाली पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘उम्मीदों का प्रदेश- उत्तम प्रदेश 2016‘ लिखा है।
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यह सब स्कूलों में हो रहा है पर बीएसए हैं कि वे कह रहे हैं कि उन्हें पता ही नहीं है। दावा किया जा रहा है कि लखनऊ की एजेंसी सीधे थाली गिलास बांट रही है। पूर्व की सपा सरकार ने धनतेरस के दिन परिषदीय स्कूलों में थाली-गिलास दिए जाने की घोषणा की थी।
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पर कई ब्लॉकों में अब थाली-गिलास बांटे जा रहे हैं। दो दिन से पूरा बाजार ब्लॉक के न्याय पंचायत रसूलाबाद के कई विद्यालयों में थाली गिलास बांटे गए। वहीं मया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र समाप्ति होने के कुछ दिन पहले बच्चों के भोजन को थाली-गिलास वितरित किए गए।
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प्राथमिक विद्यालय कनकपुर में पंजीकृत छात्र छात्राओं के सापेक्ष पचास प्रतिशत बच्चों को ही थाली मिल सकी है। कमोबेश ऐसी ही तस्वीर मया बाजार ब्लॉक के तकरीबन सभी प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों की है।
जांच में वजन मिला था कम
बंट रहे मोहर लगे बर्तन
- फोटो : amar ujala
तारुन ब्लॉक के एबीआरसी शिव प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि ब्लॉक के 147 प्राथमिक व 49 जूनियर स्कूलों में थाली और गिलास गुरुवार को दिए जा चुके है। तारुन के खंड शिक्षाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि थाली-गिलास के बारे में हम लोगों को कोई भी आइडिया नहीं है, सब कु छ जिले से ही आया है और वहीं से ही कार्यक्रम चल रहा है।
पहले जिला मुख्यालय पर थाली गिलास की खेप राजधानी से आई थी, तो उसका तौल किया गया। तौल में मानक से कम वजन मिला, जिसके कारण जिलाधिकारी ने वितरण पर रोक लगा दी। लेकिन अब किन परिस्थितियों में बगैर तौल थाली-गिलास ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंच गए और आनन-फानन में वितरण कर दिया गया, इस पर सब लोग चुप्पी साधे हुए हैं।
‘सब शासन स्तर से हुआ है। जो एजेंसी वहां से नामित की गई है, वही स्कूलों में दे रही है। इस बाबत हम और आगे कुछ नहीं बता सकते हैं।’ - योगेंद्र कुमार, बीएसए
पहले जिला मुख्यालय पर थाली गिलास की खेप राजधानी से आई थी, तो उसका तौल किया गया। तौल में मानक से कम वजन मिला, जिसके कारण जिलाधिकारी ने वितरण पर रोक लगा दी। लेकिन अब किन परिस्थितियों में बगैर तौल थाली-गिलास ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंच गए और आनन-फानन में वितरण कर दिया गया, इस पर सब लोग चुप्पी साधे हुए हैं।
‘सब शासन स्तर से हुआ है। जो एजेंसी वहां से नामित की गई है, वही स्कूलों में दे रही है। इस बाबत हम और आगे कुछ नहीं बता सकते हैं।’ - योगेंद्र कुमार, बीएसए