थाईलैंड से युवती को लखनऊ किसने बुलाया, चर्चाओं में रसूखदारों पर उठ रहे सवाल
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थाईलैंड की 41 वर्षीय युवती की कोरोना से मौत के मामले में रविवार को दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्विटर पर युवती को कॉलगर्ल बता कारोबारी व राज्यसभा सांसद संजय सेठ के खिलाफ एक पोस्ट अपलोड कर कमिश्नरेट पुलिस की जांच पर सवाल उठाए तो संजय सेठ ने इसे उनकी व परिवार की छवि धूमिल करने की साजिश बताया। वहीं पुलिस अब तक यह नहीं पता कर सकी कि युवती किसके बुलावे पर लखनऊ आई थी। वह कहां रुकी, किन लोगों से मिली ये सवाल भी अभी अधूरे हैं। उठते सवालों के बीच पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने जांच के लिए डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर दी है।
थाईलैंड की पियाथिडा टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। वह 28 अप्रैल को दिल्ली होते हुए लखनऊ पहुंची। 30 अप्रैल को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया, जहां 3 मई को उसकी मौत हो गई। युवती ने अस्पताल में अपना पता हजरतगंज का दर्ज कराया था। हजरतगंज पुलिस का दावा है कि इलाके के 10 बड़े होटलों के कर्मचारियों से पूछताछ की है। सभी बड़े होटलों के एंट्री रजिस्टर को चेक किया गया है। साथ ही होटल के बाहर व अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई हैं, जिनमें युवती के आने-जाने का कोई भी साक्ष्य मिला है। पुलिस का कहना है कि कर्फ्यू में किसी भी विदेशी शख्स के होटल में रुकने का सवाल ही नहीं उठता है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर युवती शहर में कहां रुकी थी?
पुलिस ने रायपुर के मित्र से किया संपर्क
विभूतिखंड पुलिस ने युवती की कॉल डिटेल के आधार पर रायपुर के उसके मित्र राकेश शर्मा से संपर्क किया है। युवती की लखनऊ में मदद करने वाले गाइड सलमान का दावा है कि उसने राकेश के कहने पर ही उसकी सहायता की थी। सलमान के फोन में कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं। वहीं सलमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें युवती से संबंधित खबरों को नकारा है। हालांकि, विभूति खंड पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया है।
मामले में एक बिल्डर और अफसर की भी रही चर्चा
पुलिस की जांच और अब तक आए तथ्यों सेे एक बात साफ है कि युवती थाईलैंड से लखनऊ खुद नहीं पहुंची थी। सूत्रों का भी कहना है कि एक बिल्डर ने उसे अपने खर्चे पर बुलाया। सूत्रों का कहना है कि उसी नेे अपने होटल में रुकने का इंतजाम कराया था। चर्चा इस बात की भी है कि युवती की मुलाकात किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी से कराई जानी थी।
महात्रासदी के दौर में कॉल गर्ल बुलाई...
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि दुनिया भर में चल रही महात्रासदी के बीच थाईलैंड से एक कॉलगर्ल बुलाई गई, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गई। उन्होंने यूपी पुलिस को पोस्ट टैग करते हुए राज्यसभा सांसद के पुत्र के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की चुनौती दी। समाज सेविका नूतन ठाकुर व उनके पति पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र लिखकर युवती की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कराने पर सवाल उठाया। नूतन ने एफआईआर दर्ज कर सांसद के बेटे पर लगे आरोपों की जांच की मांग की।
विदेशी युवती आई, मौत भी हो गई, एलआईयू कैसे अनजान बनी रही
किसी भी विदेशी के शहर में आने पर एलआईयू के पास उसका ब्योरा दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद पूरे प्रकरण में एलआईयू टीम अनजान बनी रही। टीम को यह भी नहीं पता चला कि युवती कहां रुकी थी और किससे मिली। आरोप है कि युवती की मौत के बाद एलआईयू सक्रिय हुई।
थाई युवती की ट्रैवेल हिस्ट्री की जांच करे पुलिस
राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर को लिखे पत्र में कहा है कि मृत युवती, उसकी पृष्ठभूमि, पासपोर्ट नंबर, मोबाइल नंबर के बारे में जांच की जाए। उसकी कॉल डिटेल, लखनऊ में उसके होटल व अन्य स्थान पर रहने का विवरण और भारत में किसी भी अन्य जगह पर उसकी अन्य व्यक्तियों से मुलाकात ये सब महत्वपूर्ण तथ्य हैं। युवती लखनऊ के किन होटलों में रुकी? उन होटलों को किसने बुक कराया? होटल में आने और जाने, विजिटर्स से मुलाकात के सीसीटीवी फुटेज, लखनऊ में उसके मोबाइल के सभी लोकेशन से पता लगाया जाए कि वह कब किससे और कहां मिलने गई? मामले की सही से जांच कराया जाए ताकि हकीकत सामने आ सके। इसके अलावा थाई युवती को अस्पताल में किसने भर्ती कराया तथा वह व्यक्ति कौन था जिसने उसकी मेडिकल इमरजेंसी में सहायता की। सोशल मीडिया पोस्ट में सलमान का बार बार जिक्र हुआ। उसकी भूमिका इस पूरे मामले में क्या है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
बदनाम करने की साजिश, ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें
संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट को मनगढ़ंत व दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्ट कर मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। इसके स्रोत और उत्पत्ति के बारे में गहन जांच की आवश्यकता है। आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों में महेंद्र कुड़िया भी शामिल हैं। इस तरह की सामग्री के गलत पाए जाने पर ऐसी पोस्ट करने वाले और रीट्वीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।