टीईटी-2017 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र वितरण पर रोक, जारी किए गए ये आदेश
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2017 प्राथमिक स्तर के पात्र एवं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र वितरित करने पर रोक लगा दी है। प्राधिकारी सचिव ने सभी जिलों में जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य को पत्र लिखकर अग्रिम आदेश तक प्राथमिक स्तर की टीईटी पात्र व उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र वितरित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमाण पत्रों को डायट में सुरक्षित रखने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को आदेश जारी कर टीईटी प्राथमिक स्तर की उत्तर कुंजी को निरस्त कर नई उत्तर कुंजी और वरीयता सूची जारी करने आदेश दिए हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी अब नई वरीयता सूची जारी करेगा उसके बाद ही प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।
परीक्षा की तिथि पर निर्णय नहीं
परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 12 मार्च को प्रस्तावित 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा को टालने का कोई निर्णय नहीं किया है। बुधवार को इसको लेकर लखनऊ से इलाहाबाद तक मंथन किया गया।
ये था पूरा मामला
दरअसल, टीईटी 2017 के 14 प्रश्नों को विवादित बताते हुए 316 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नवंबर में टीईटी परिणाम को याचिका के निर्णय के अधीन रखा था। अब ताजा निर्णय का असर प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों पर पडे़गा।
अभ्यर्थियों की याचिका में 14 विवादित प्रश्नों के उत्तरों को सही करते हुए नई उत्तर कुंजी जारी करवाने और ग्रेस अंक देने की मांग की गई थी। याची अभ्यर्थी 15 अक्तूबर, 2017 को आयोजित हुई इस परीक्षा में प्राथमिक स्तर के लिए शामिल हुए थे। परीक्षा सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद द्वारा करवाई गई थी। 18 अक्तूबर को उत्तर-कुंजी जारी करके इन पर आपत्तियां मांगीं थीं। याचिकाकर्ताओं ने 17 नवंबर को आपत्ति दर्ज करवाई।
कोर्ट ने ये दिया था निर्णय
1. जिन 14 सवालों पर आपत्ति थी उन्हें डिलीट किया जाए।
2. फाइनल करार दी गई उत्तर-कुंजी खारिज मानी जाएगी।
3. नई मैरिट बनाई जाए।
4. यह सभी प्रक्रिया एक माह में पूरी करें।
5. 2018 के लिए होने जा ही प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा (68,500 भर्तियां) 12 मार्च को प्रस्तावित हैं, इसे टीईटी की प्रक्रिया पूरी होने तक टाला जाए।