बहराइच को आतंक का अड्डा बनाना चाहता था इरफान
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लश्कर आतंकी इरफान नेपाल से भाग कर बहराइच में इसलिए छिपा था ताकि वहां से नेपाल में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) की गतिविधियों को आसानी से संचालित कर सके।
इस बीच अपने पुराने साथी को फोन करना उसे भारी पड़ गया। इस फोन ने उसकी लोकेशन जाहिर कर दी और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की पूछताछ में इरफान ने कुबूला है कि नेपाल में भूकंप आने के बाद जेल से भागना उसकी गलती थी। फर्जी दस्तावेजों से नेपाली नागरिकता हासिल करने की कोशिश के आरोप में वर्ष 2010 में नेपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
उसे पांच साल की सजा हुई थी और उसे नेपाल की सिंधुपाल चौक जेल में रखा गया था। भूकंप से जेल क्षतिग्रस्त होने पर कैदी बाहर भागने लगे। इस दौरान वह भी भागकर बहराइच पहुंच गया।
सजा पूरी होने पर भी थी पुलिस की नजर
इरफान ने बताया कि जुलाई के अंत में उसकी सजा पूरी हो रही थी। इसके बाद नेपाल पुलिस उस पर नजर रखती। ऐसे में वह नेपाल की नागरिकता हासिल करने के मंसूबे में कामयाब न हो पाता। इसी वजह से वह बहराइच में आ छिपा था।
उसकी मंशा थी कि कुछ दिनों तक बहराइच से ही नेपाल में आईएम की गतिविधियों को संचालित करता और बीच-बीच में छिपकर नेपाल आता-जाता रहता। जब स्थितियां सामान्य हो जातीं तब वह नेपाल जाकर रहने लगता।
इरफान ने स्वीकार किया कि उसने आईएम की गतिविधियां संचालित करने के लिए कुछ पुराने लोगों से संपर्क किया था। यह चूक उसे भारी पड़ गई। इनमें से एक खुफिया एजेंसियों के रडार पर था, जिसके जरिये उसकी सूचना लीक हो गई और वह पकड़ा गया।