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विधान परिषद में गूंजा बंदरों के आतंक का मुद्दा

Tue, 10 Mar 2015 10:31 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 10 Mar 2015 10:31 AM IST
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Terror from monkeys issue discussed in Vidhan Parishad.

विधान परिषद में सोमवार को बंदरों के आतंक की गूंज सुनाई दी। बसपा के चौधरी लेखराज सिंह के सवाल के जवाब में वन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई ने बताया कि राजधानी के महानगर सचिवालय कालोनी, सआदतगंज, बावली चौकी पर वन विभाग के कर्मचारियों ने गश्त किया।

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महानगर की सचिवालय कालोनी से 73 और सआदतगंज व बावली चौकी से 70 बंदरों को भगाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में सतत निगरानी हो रही है ताकि दोबारा यह समस्या न हो।
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बसपा के ही अशोक सिंह के सवाल पर नेता सदन अहमद हसन ने बताया कि संडीला में मंदिर की जमीन को दूसरों के नाम कर देने वाले एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियुक्ति विभाग को पत्र भेज दिया गया है। पूरक सवालों पर कहा, शिकायतें लिखकर दे दी जाएं। वह जांच कराकर इस अधिकारी के विरुद्ध और कठोर कार्रवाई कराएंगे।
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जरूरत पड़ी तो एसडीएम की बर्खास्तगी भी

Terror from monkeys issue discussed in Vidhan Parishad.

सरकार की तरफ से लिखित उत्तर में बताया गया कि संडीला में तैनात उपजिलाधिकारी ने 28 मई 2014 को सरेहरी गांव में मंदिर के नाम दर्ज जमीन को दिनेश सिंह और कृष्णपाल सिंह के नाम कर दिया।

जांच में यह फैसला गलत पाए जाने पर उन्होंने आदेश रद्द करके जमीन फिर मंदिर के नाम की। दोषी अधिकारी पर कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद ने 30 दिसंबर को नियुक्ति विभाग को लिखा है।

सदस्यों ने बताया कि एसडीएम अब भी तमाम अनुचित काम कर रहा है। कई जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी कराकर दूसरों के नाम दर्ज कर दिया है।

नेता सदन ने कहा, जो आदमी मंदिर की जमीन बेच सकता है, वह कुछ भी कर सकता है। ऐसे अधिकारी को नौकरी में रहने का अधिकार नहीं है। जांच कराकर अगर बर्खास्त करने की जरूरत पड़ी तो ऐसा किया जाएगा।

टोल कर्मियों पर होगी कार्रवाई

Terror from monkeys issue discussed in Vidhan Parishad.

शून्य प्रहर में पूर्व विधायकों को टोल टैक्स से छूट के बारे में पूछा गया। सरकार ने बताया कि पूर्व विधायकों को टोल टैक्स से छूट नहीं है। सिर्फ विधानसभा और विधान परिषद के मौजूदा सदस्यों को ही छूट मिलती है।

कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि टोल बूथों पर तैनात कर्मचारी कई बार विधान परिषद सदस्यों को विधायक नहीं मानते और अभद्रता करते हैं। शिक्षक दल के जगवीर किशोर जैन ने बताया कि औरैया बूथ पर उनके साथ ऐसी घटना हुई।

सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सरकार को कार्रवाई का निर्देश दिया। सदस्यों ने मांग की कि पूर्व सदस्यों को भी टोल टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। मंत्री अंबिका चौधरी के सुझाव पर सभापति ने आश्वस्त किया कि वह जल्द ही सभी दलों के नेताओं को बुलाकर बात करेंगे।

गन्ना मूल्य पर दी सफाई

Terror from monkeys issue discussed in Vidhan Parishad.

भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित के सवाल पर सरकार ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करने पर लंबी सफाई दी। बताया कि चीनी का बाजार मूल्य कम रहने से मिलों की भुगतान क्षमता प्रभावित हुई। चीनी मिलें तो मांग कर रही थीं कि राज्य सरकार गन्ना मूल्य की दर घटाए। मिलों ने 2014-15 में तो पेराई करने से ही इन्कार कर दिया था।

गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने वर्तमान वर्ष में गन्ने की उत्पादन लागत 253.87 रुपये प्रति क्विंटल अनुमानित की है। यह पिछले वर्ष 251 रुपये प्रति क्विंटल से कुछ ही अधिक है।

पर, उत्पादन पिछले वर्ष 627 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 630 क्विंटल हो गया है। इससे साफ है कि उत्पादन लागत लगभग समान रही है। बावजूद इसके सरकार ने गन्ना मूल्य कम नहीं किया।

दीक्षित व अंबिका में नोकझोंक
: शून्यप्रहर में दीक्षित ने यही सवाल उठाते हुए कहा, सरकार ने मूल सवाल का जवाब नहीं दिया। कहा, नेता सदन अक्सर पुरानी सरकारों जैसे वाक्य कहकर विषय से इतर बात उठा देते हैं।

इससे सदन का समय खराब होता है। अंबिका चौधरी ने कहा, नेता सदन पर ऐसी टिप्पणी कार्यवाही से निकाल दी जाए। दोनों में देर तक नोकझोंक हुई।

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