{"_id":"63d9f89c6993bd581e162fdb","slug":"terror-attack-on-gorakhnath-temple-murtaza-challenges-secularism-and-democratic-values-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखनाथ मंदिर पर आतंकी हमला: मुर्तजा ने धर्म निरपेक्षता व लोकतांत्रिक मूल्यों को दी चुनौती, मिली फांसी की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखनाथ मंदिर पर आतंकी हमला: मुर्तजा ने धर्म निरपेक्षता व लोकतांत्रिक मूल्यों को दी चुनौती, मिली फांसी की सजा
Wed, 01 Feb 2023 11:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 01 Feb 2023 11:34 AM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि 90 के दशक में तालिबान ने अफगानिस्तान के बामियान में छठीं शताब्दी में बनाई गई बुद्ध की मूर्तियों को प्रतीकात्मक रूप से नष्ट कर दिया था। मुर्तजा ने भी इसी विचारधारा के तहत गोरखनाथ मंदिर को एक प्रतीक के रूप में चुनकर उस पर हमला कर देश के खिलाफ युद्ध जैसा गंभीर अपराध किया है।
विज्ञापन
गोरखपुर मंदिर में हमले का आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखनाथ मंदिर पर आतंकी हमला करने वाले को फांसी की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा है कि इस माध्यम से मुर्तजा भारत की संप्रभुता पर हमला करना था। यह हमला करके उसने भारत की धर्म निरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी सीधे तौर पर चुनौती दी।
कोर्ट ने कहा कि 90 के दशक में तालिबान ने अफगानिस्तान के बामियान में छठीं शताब्दी में बनाई गई बुद्ध की मूर्तियों को प्रतीकात्मक रूप से नष्ट कर दिया था। मुर्तजा ने भी इसी विचारधारा के तहत गोरखनाथ मंदिर को एक प्रतीक के रूप में चुनकर उस पर हमला कर देश के खिलाफ युद्ध जैसा गंभीर अपराध किया है। अहमद मुर्र्तजा अब्बासी को एटीएस कोर्ट ने सोमवार को फांसी की सजा सुनाई थी।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुर्तजा ने घटना को अंजाम देने के लिए बांका नौगढ़ के पास अलीगढ़वा से खरीदा था। उसकी मंशा थी कि वह बांके से हमला करके सिपाही की राइफल छीन लेगा और फिर गोलियां बरसाकर कई पुलिस वालों को मारकर खुद को भी मार लेगा।
विज्ञापन
कोर्ट में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इसका खुलासा करते हुए आतंकी संगठन आईएसआईएस की तुलना रक्तबीज राक्षस से की गई। कहा गया की मुर्तजा भी इसी आतंकी संगठन की विचारधारा से उत्पन्न लोन वुल्फ आतंकी है। इसने केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जगह इस आतंकी संगठन की ऑडियो-वीडियो और डार्क वेब पर उपलब्ध सामग्री से मिसाइल लॉन्च करना, हथियार चलाना व बम बनाना सीखा।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मुर्तजा महंगी एयर गन से निशानेबाजी का अभ्यास भी करता था ताकि असली हथियार हाथ लगने पर सटीक निशाना लगा सके। पूछताछ में मुर्तजा ने स्वीकार भी किया था की उसने पुलिसवालों पर हमला इसी लिए किया था क्योंकि वह लोग मंदिर की सुरक्षा में लगे थे जिसे वह पसंद नहीं करता और गैर मुस्लिमों को मारकर दहशत फैलाना चाहता था।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि 90 के दशक में तालिबान ने अफगानिस्तान के बामियान में छठीं शताब्दी में बनाई गई बुद्ध की मूर्तियों को प्रतीकात्मक रूप से नष्ट कर दिया था। मुर्तजा ने भी इसी विचारधारा के तहत गोरखनाथ मंदिर को एक प्रतीक के रूप में चुनकर उस पर हमला कर देश के खिलाफ युद्ध जैसा गंभीर अपराध किया है। अहमद मुर्र्तजा अब्बासी को एटीएस कोर्ट ने सोमवार को फांसी की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि मुर्तजा ने घटना को अंजाम देने के लिए बांका नौगढ़ के पास अलीगढ़वा से खरीदा था। उसकी मंशा थी कि वह बांके से हमला करके सिपाही की राइफल छीन लेगा और फिर गोलियां बरसाकर कई पुलिस वालों को मारकर खुद को भी मार लेगा।
विज्ञापन
कोर्ट में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इसका खुलासा करते हुए आतंकी संगठन आईएसआईएस की तुलना रक्तबीज राक्षस से की गई। कहा गया की मुर्तजा भी इसी आतंकी संगठन की विचारधारा से उत्पन्न लोन वुल्फ आतंकी है। इसने केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जगह इस आतंकी संगठन की ऑडियो-वीडियो और डार्क वेब पर उपलब्ध सामग्री से मिसाइल लॉन्च करना, हथियार चलाना व बम बनाना सीखा।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मुर्तजा महंगी एयर गन से निशानेबाजी का अभ्यास भी करता था ताकि असली हथियार हाथ लगने पर सटीक निशाना लगा सके। पूछताछ में मुर्तजा ने स्वीकार भी किया था की उसने पुलिसवालों पर हमला इसी लिए किया था क्योंकि वह लोग मंदिर की सुरक्षा में लगे थे जिसे वह पसंद नहीं करता और गैर मुस्लिमों को मारकर दहशत फैलाना चाहता था।