निकायों में खत्म नहीं होंगे समूह ग व घ के अस्थायी पद
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आरक्षित वर्ग का बैकलाग भरने के लिए नगर निकायों में सृजित पदों में से समायोजन के बाद शेष पदों को फिलहाल समाप्त नहीं किया जाएगा।
पिछड़ा, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के रिक्त 2127 पदों को नगर विकास विभाग ने एक साल तक बनाए रखने का आदेश दिया है। इन पदों पर शीघ्र ही नियुक्ति होने की उम्मीद है। ये सभी पद उप्र पालिका अकेन्द्रीयत सेवा संवर्ग के हैं।
नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में 2007 से 2015-16 के बीच जरूरत के हिसाब से अकेन्द्रीयत सेवा के कुल 2513 अस्थायी पद सृजित किए गए थे। इसमें से 995 पदों को समायोजित कर दिया गया है जबकि 1518 पद शेष रह गए हैं।
इसी प्रकार 2006 से लेकर अब तक अकेन्द्रीयत सेवा संवर्ग में आरक्षित वर्ग का बैकलाग भरने के लिए 637 अस्थायी पदों का सृजन किया गया था। इसमें से 28 को समायोजित कर दिया गया और 609 पद शेष बचे हैं।
एक साल तक बने रहेंगे निकायों में अस्थायी पद
इस तरह राज्य की विभिन्न नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और नगर निगमों में कुल 2127 अस्थायी पद शेष बचे हैं। इन पदों को वित्त वर्ष 2015-16 तक के लिए ही सृजित किया गया था।
निदेशक स्थानीय निकाय ने निकायों में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए इन पदों को एक साल तक और बनाए रखने का अनुरोध किया था।
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने निदेशक के अनुरोध पर समूह ग व घ के सभी 2127 पदों को एक साल तक बनाए रखने का निर्देश दिया है।
साथ ही यह भी कहा है कि इन पदों पर आने वाले वित्तीय भार का वहन स्थानीय निकाय अपने संसाधनों से करेंगे। इसके लिए सरकार कोई वित्तीय मदद नहीं देगी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इन पदों पर अस्थायी नियुक्तियां की जाएंगी।