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बादल संग बूंदाबांदी से बढ़ी गलन, शहरी ठिठुरे
आशुतोष मिश्र,अमर उजाला ब्यूरो/लखनऊ
Updated Sun, 05 Jan 2014 12:13 PM IST
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गलन भरी ठंड ने बादल-बारिश के साथ मिलकर ठंड के तेवर तीखे कर दिए हैं। जनवरी के शुरुआती दिनों में लुढ़कते पारे के साथ दिन में भले ही धूप खिली लेकिन, दोपहर बाद मौसम ने फिर अपना रुख बदल लिया।
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11 से 14 किमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ छाए बादलों ने पहले तो धूप के साथ लुकाछिपी की, उसके बाद बादलों ने आसमान पर डेरा डाला। शाम से पहले ही राजधानी में अंधेरा छाया तो हवाओं के झोंको संग बारिश ने ठंड बढ़ा दी।
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कभी छिटपुट बूंदाबांदी तो कभी रिमझिम ने शाम को गर्म कपड़ों से लदे लोगों को तर कर दिया। बादल-बारिश ने हवा में ठंडक बढ़ाई।
दिन का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ जबकि, अधिकतम पारा सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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वायुमंडल में अधिकतम आर्द्रता स्तर 94 प्रतिशत रहने के चलते रात को चलने वाली बर्फीली हवाओं ने गलन बढ़ा दी। रात को भी हवा के तेज झोंकों के साथ बूंदाबांदी ने घरों में लोगों को जल्द ही कैद होने पर मजबूर कर दिया।
शाम तक मौसम विज्ञान केन्द्र पर 0.1 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि बीते 24 घंटों में राजस्थान के पास सक्रिय हुए अपर एअर साइक्लोनिक सरकुलेशन के चलते मौसम में बदलाव हुए हैं।
जिसके चलते सूबे में कई जगहों पर बादल-बदली के साथ रिमझिम ने लोगों को भिगोया, पारा लुढ़का। आने वाले 24 से 36 घंटों में प्रदेश में कुछेक स्थानों पर इस बदलाव का असर जारी रहेगा।
रविवार को भी राजधानी से सटे इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। सोमवार से मौसम साफ होना शुरू होगा लेकिन बदलते विंड पैटर्न के चलते सुबह का पारा लुढ़कने की संभावना है। गलन भी बढ़ सकती है।