यूपी की राजधानी में आ रहे हैं इस तरह की नौकरियों के हजारों मौके
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छोटे शहर तकनीकी क्षेत्र में बहुत रोजगार पैदा करने की क्षमता नहीं रखते हैं। यह धारणा अब बदलने वाली यूपी की राजधानी लखनऊ में समय में तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों के ढेरों अवसर बनने वाले हैं।
राजधानी में आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर मुहर लगने के बाद आने वाले समय में यहां रोजगार की असीम संभावनाएं पैदा होंगी। दरअसल यहां केवल सूचना प्रौद्योगिकी ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कई अन्य सेक्टर भी पनपेंगे।
केंद्र और प्रदेश की ओर से करों से छूट से भी बड़ी संख्या में उद्योग निवेश को लेकर आकर्षित होंगे। अमर उजाला ने विशेषज्ञों के जरिये ऐसे कुछ सेक्टर्स को सामने रखा जो लखनऊ आईटी सेज में विकसित होने की संभावना रखेंगे।
किन-किन क्षेत्रों में नौकरी के अवसर
हॉस्पिटैलिटीः एसईजेड से राजधानी के होटल उद्योग में प्रगति आएगी। आईटी सेक्टर की वजह से यहां कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे यहां प्रीमियम श्रेणी के होटलों की जरूरत बढ़ेगी। यह भी लखनऊ के हॉस्पिटैलिटी उद्योग को बढ़ावा देगा। एसईजेड क्षेत्र में शुरू होने वाले होटलों को मिलने वाली रियायत यहां बड़ी मात्रा में निवेश को आकर्षित करेगी।
डाटा सेंटरः वेब सेवाएं देने वाली कंपनियां हाल तक अपनी संस्थापना वाले देशों में अपने डाटा सर्वर रखती आई हैं। लखनऊ के एसईजेड स्थापित होने के बाद देश के दूसरी आईटी सिटी की तरह लखनऊ में भी इन डाटा सेंटरों की स्थापना होगी। इससे यहां न केवल बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होगा, बल्कि प्रदेश सरकार के रेवेन्यू में भी इनका योगदान होगा। इसी तरह बैकअप डाटा सेंटरों की स्थापना भी यहां अधिक संख्या में होने लगेगी।
बीपीओ, केपीओः सूचना प्रौद्योगिकी की बेहतर सुविधाएं होंगी तो लखनऊ के आईटी सेज में आईटी आधारित बिजनेस प्रोसेस आउट (बीपीओ) सोर्सिंग बढ़ेगी। दूसरी ओर नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) भी बेहतर आईटी सेवाओं की वजह से लखनऊ सेज से संभव हो सकेगी।
कॉल सेंटर और टेली सर्विसेसः लखनऊ एसईजेड में एक बड़ी संभावना कॉल सेंटर्स की होगी। लखनऊ में यह क्षेत्र एक दशक से शैशव अवस्था में ही है, बड़ी कंपनियां यहां आकर अपने कॉल सेंटर खोलेंगी और प्रोसेस शुरू करेंगी तो युवाओं को रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसी तरह टेली मार्केटिंग, हेल्प डेस्क, कस्टमर सपोर्ट सेंटर्स, जैसे उद्योगों को भी विकसित किया जा सकेगा।
नए जमाने के उद्योगों में भी अवसर
इन क्षेत्रों के अलावा लखनऊ में अब नए जमाने के उद्योगों में भी अवसर बनेंगे। एक बड़ा सेक्टर इलेक्ट्रॉनिक पब्लिशिंग का है। लखनऊ के आईटी सेज में इसकी भी व्यापक संभावना है।
दूसरी ओर ट्रांसक्रिप्शन सेंटर्स, ट्रांसपोर्ट ट्रैकिंग के लिए जीआईएस मैपिंग और इलेक्ट्रॉनिक डिस्ट्रिब्यूशन जैसे सेक्टर भी नए जमाने के साथ साथ तेजी से बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़े उद्योगों को प्रदेश सरकार को अभी से आकर्षित करने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
एक्सपर्ट्स की राय
आईटी क्षेत्र अपने साथ कई क्षेत्रों को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है। इससे उत्पादन क्षेत्र को भी फायदा होगा, लेकिन सबसे बड़ा लाभ होटल उद्योग या कहें पूरी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को होगा। (सचिन अग्रवाल, सीआईआई, यूपी चेयरमैन)
हमारे देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था में आईटी सेक्टर के योगदान सभी को मालूम है। लखनऊ में यह स्पेशल इकोनॉमिक जोन नया मैदान बनाने वाला साबित होगा। आईटी आधारित सेक्टर जैसे डाटा सेंटर, कॉल सेंटर्स, टेली मार्केटिंग सर्विसेस भी विकसित हो सकेंगी। (वीरेंद्र गुप्तासचिव, यूपी एसोचैम)