यूपी बोर्डः सैनेटाइजर-मास्क नहीं मिला, मूल्यांकन का बहिष्कार
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बहिष्कार का आंशिक असर राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज और राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद में भी दिखा। शिक्षकों ने कुछ समय तक मूल्यांकन कार्य को स्थगित करने की मांग की। वहीं अमीनाबाद इंटर कॉलेज में व्यवस्थाएं बेहतर मिलीं तो मूल्यांकन कार्य भी सुचारु रूप से चला।
मूल्यांकन कार्य सुबह 10 बजे से शुरू होना था। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में शिक्षकों ने ड्यूटी तो ज्वॉइन की लेकिन सुबह 11 बजे से मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया। एक-एक कर सभी शिक्षक परिसर में एकत्रित होने लगे। जिन शिक्षकों को कॉपियां दे दी गई थीं, उन्होंने भी उसे जांचने के बाद दोबारा कॉपी लेने से इन्कार कर दिया।
जब तक व्यवस्था न हो मूल्यांकन स्थगित रहेगा
शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग का दावा था कि केंद्रों को सेनेटाइज किया गया है। लेकिन कक्षाओं की साफ-सफाई तक नहीं की गई थी। ऐसा लगा ही नहीं कि कक्षाओं में दवाइयों का छिड़काव किया गया है। राजकीय शिक्षक संघ की महामंत्री छाया शुक्ला ने बताया कि जो दावे किए गए थे, स्थिति उसके उलट दिखाई दी।
कुछ शिक्षक अपना खुद का मास्क लेकर आए थे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि संगठन ने चारों केंद्रों का जायजा लिया। साफ-सफाई की घोर कमी है। शासन का आदेश है कि परीक्षक एक मीटर की दूरी पर बैठेंगे, मगर यह संभव नहीं दिख रहा।
कोरोना वायरस के फैलने का खौफ साफ दिख रहा है। कक्षा में केवल 20 शिक्षकों को ही बैठने की अनुमति दी जाए। जब तक व्यवस्था न हो मूल्यांकन स्थगित रहेगा।
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शिक्षकों ने खुद साफ की डेस्क
जुबिली इंटर कॉलेज, निशातगंज और हुसैनाबाद इंटर कॉलेज की कक्षाओं के डेस्क पर धूल की परत जमी थी। शिक्षकों ने मूल्यांकन शुरू होने से पहले अपने रूमाल से पहले डेस्क को साफ किया। शौचालय और पीने के पानी के स्थान पर भी गंदगी थी। शिक्षकों ने बताया कि करीब दो हफ्ते मूल्यांकन चलना है, इस तरह की स्थिति में कार्य करने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।