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यूपी: एस्मा के बावजूद कर्मचारी-शिक्षक व अधिकारी आज से हड़ताल पर, पुरानी पेंशन बहाली की मांग

Wed, 06 Feb 2019 08:42 AM IST
अल्पना शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: अल्पना शर्मा Updated Wed, 06 Feb 2019 08:42 AM IST
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teachers and other employees strike in uttar pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रदेश सरकार के बुधवार से प्रस्तावित एक सप्ताह की महाहड़ताल को गैर कानूनी घोषित कर देने और एस्मा लगा देने के बावजूद कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने पुरानी पेंशन बहाल हुए बिना हड़ताल वापस लेने से इन्कार कर दिया है। 
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मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने मंगलवार देर रात यहां दावा किया कि अब समझौता की गुंजाइश नहीं है। हड़ताल होकर रहेगी। सरकार जानबूझकर टकराव को न्यौता दे रही है। दमन से कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी झुकने वाले नहीं। 
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इस बीच, मंच के पदाधिकारियों ने राजधानी सहित प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर मंगलवार को मोटर साइकिल रैली निकालकर जन जागरण किया और कर्मचारियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों से महाहड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
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 मंच ने दावा किया है कि सभी जगह रैली को जबरदस्त समर्थन मिला। सरकार उत्पीड़न से कर्मचारियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों की आवाज दबाने से बाज आए एवं न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पुरानी पेंशन बहाल करे।

सरकार टकराव की स्थिति न पैदा करे

मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा, संयोजक हरिकिशोर तिवारी और चेयरमैन संघर्ष समिति शिवबरन सिंह यादव ने जहां साझा बयान जारी कर हड़ताल के लिए सरकार और शासन के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। 

चेतावनी दी कि सरकार टकराव की स्थिति न पैदा करे। दमन और उत्पीड़न से किसी की आवाज को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। कहा कि मंच छह महीने से लगातार सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है। 

सरकार के आश्वासन पर मंच ने अक्टूबर में अपनी हड़़ताल स्थगित की थी। मंच को उम्मीद थी कि सरकार ने यदि पुरानी पेंशन बहाली को उच्चस्तरीय समिति गठित की है तो समाधान निकालने पर गंभीर है। पर, सरकार ने अधिकारियों पर सब कुछ छोड़ दिया। 

अधिकारियों ने पूरी तरह उदासीनता व निष्क्रियता दिखाई। जिस पर मंच को हड़ताल पर जाने का फिर से फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा।  हड़ताल के लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है। अपने हक के लिए आंदोलन करना कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों का अधिकार है।

मंच का लोक निर्माण विभाग मुख्यालय पर आज धरना

मंच के पदाधिकारियों ने कहा है कि बुधवार को यहां राजभवन के सामने लोक निर्माण विभाग मुख्यालय पर कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों के संगठनों  की सभा और धरना होगा। सभी विभागों के कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक हड़ताल पर रहकर लोक निर्माण विभाग मुख्यालय पर जुटेंगे और सभा करेंगे।

राजधानी में जनजागरण जुलूस
राजधानी लखनऊ में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन से मोटर साईकिल रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व मंच के जिला संयोजक बी.एस. डोलिया ने किया। रैली विभिन्न कार्यालयों से होते हुए वापस संघ भवन में समाप्त हुई। कार्यालयों में कर्मचारियों ने रैली का पूरे जोश-खरोश के साथ स्वागत किया गया। साथ ही महाहड़ताल को सफल बनाने के लिए समर्थन का वादा किया। 

मोटर साइकिल रैली में  दिवाकर राय, राजेश वर्मा, रामवीर, राजर्षि त्रिपाठी, मंच की चेयरमैन संघर्ष समिति अमिता त्रिपाठी,  अधिकारी महापरिषद के इंद्रासन सिंह, संगठन मंत्री संजीव गुप्त, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव,  सुभाष चन्द्र तिवारी सहित अन्य कई संगठनों के नेता शामिल थे।
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