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शिक्षक भर्ती : कटऑफ के विवाद में 22 महीने अटकी रही भर्ती 

Wed, 18 Nov 2020 10:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 18 Nov 2020 10:52 PM IST
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Teacher recruitment: 22 months stuck in the cutoff controversy
- फोटो : अमर उजाला
बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती कटऑफ के विवाद में करीब 22 महीने अटकी रही। उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मे हुई लंबी सुनवाई के बाद विभाग की ओर से निर्धारित कटऑफ को ही सही ठहराया गया। 
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परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव कार्यालय की ओर से 2018 में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। 6 जनवरी, 2019 को प्रदेश के सभी जिलों में इसकी लिखित परीक्षा हुई। वहीं, 7 जनवरी, 2019 को बेसिक शिक्षा विभाग ने कटऑफ निर्धारित की। सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व ओबीसी के लिए 60 प्रतिशत कटऑफ निर्धारित की। शिक्षामित्रों सहित कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने कटऑफ को अधिक बताते हुए इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
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उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सरकार को कटऑफ कम कर 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के समय लागू सामान्य वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत कटऑफ करने के आदेश दिए। सरकार इस फैसले  के खिलाफ उच्च न्यायालय की दो जजों वाली खंडपीठ में याचिका दायर की। इस खंडपीठ ने 6 मई, 2020 को सरकार की ओर से निर्धारित कटऑफ को सही ठहराया। फिर शिक्षा मित्रों ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की।
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करीब दो महीने की सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 24 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा और बुधवार को सुना दिया। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 9 जून को शिक्षामित्रों के लिए 37,399 पद रिक्त रखते हुए शेष पदों पर नियुक्ति की अनुमति दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 अक्तूबर को 31,277 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा था कि सरकार फरवरी 2019 में ही नियुक्ति करना चाहती थी।


योग्य शिक्षक मिलेंगे
सरकार का कहना है कि इस भर्ती में कटऑफ 65 व 60 प्रतिशत होने से परिषदीय स्कूलों में पहले की तुलना में अब योग्य शिक्षक मिलेंगे। ऑपरेशन कायाकल्प व मिशन प्रेरणा में सामने आया है कि बीते वर्षों में नियुक्ति हुए युवाओं ने नवाचार कर न केवल स्कूलों की स्थिति में सुधार किया है बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी दी है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी का कहना है कि इस फैसले के दूरगामी परिणाम प्राथमिक शिक्षा के लिए सुखद होंगे।

फैक्ट फाइल 
अनुसूचित जाति के 1133 योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले 
67,867 की वरीयता सूची में से 31,277 को मिल चुकी है नियुक्ति 
36590 को अब मिलेगी नियुक्ति
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