सोशल मीडिया पर छात्रों से नहीं जुड़ेंगे शिक्षक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के प्रति सरकार सजग हो गई है। उनका किसी भी प्रकार का शोषण रोकने के लिए शिक्षकों का सोशल मीडिया पर बच्चों के साथ जुड़ने से प्रतिबंध लगा दिया गया है। शिक्षक व कर्मचारी छात्र-छात्राओं से न तो सोशल मीडिया पर जुड़ सकेंगे और न ही वे ई-मेल व फोन कर सकेंगे।
उन्हें स्टूडेंट्स के साथ ई-मेल, फोन या फिर सोशल मीडिया पर जुड़ना है तो प्रधानाचार्य से अनुमति लेनी होगी। प्रधानाचार्य कारण जानने के बाद ही अनुमति देंगे। इसके बाद भी कोई शिकायत मिलती है तो दोषी पर कार्रवाई होगी। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
स्कूलों में आए दिन बच्चों के साथ अप्रिय घटनाएं होने की सूचनाएं मिलती रहती हैं। शिक्षक व कर्मचारियों द्वारा स्टूडेंट्स के शोषण की बातें भी खुलकर सामने आ रही हैं।
राजधानी के एक केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक द्वारा छात्रा के शारीरिक शोषण की घटना काफी चर्चा में रही। राज्य सरकार चाहती है कि स्कूली बच्चों के साथ किसी भी तरह की कोई दुर्घटना न हो। उत्पीड़न रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है।
स्कूलों में दी जाएगी सोशल मीडिया की जानकारी
प्रदेश में यूपी बोर्ड व केंद्रीय बोर्ड से संचालित स्कूलों में सोशल मीडिया के बेजा इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। क्लास के दौरान शिक्षक व छात्र मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे यह प्रयास करें कि स्कूल समय में मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल हो। बहुत जरूरी होने पर ही मोबाइल फोन के इस्तेमाल की इजाजत होगी।
जरूरत पड़ने पर स्कूली काम के लिए ही शिक्षक व कर्मचारियों को स्टूडेंट्स से ई-मेल व फोन पर बातचीत की अनुमति मिलेगी।
स्कूलों में माह में एक बार सोशल साइटों व सोशल मीडिया की अच्छाइयों व बुराइयों के बारे में जानकारी देने के लिए कार्यशाला होगी।
संविदा कर्मियों का होगा पुलिस सत्यापन
स्कूल प्रबंधन संविदा पर रखे गए कर्मचारियों व शिक्षकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएंगे। यह ध्यान दिया जाएगा कि ऐसे शिक्षकों व कर्मचारियों का छात्र-छात्राओं के साथ व्यवहार कैसा है?
स्कूल की बसों व वैन पर ऐसे कर्मचारियों को लगाया जाएगा जिनका आचरण अच्छा हो।
कांट्रैक्ट पर यदि बसें या वैन लगती हैं तो इनके चालकों का चरित्र प्रमाण पत्र लिया जाएगा और पुलिस रिकॉर्ड चेक कराया जाएगा। स्कूल प्रबंधन सुनिश्चित करेगा कि बच्चे स्कूल में सुरक्षित पहुंच रहे हैं या नहीं।