{"_id":"0d9136cfad1d1660baa838c8837b8a96","slug":"symptoms-and-reasons-for-headache-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलर्ट: हल्के से सिरदर्द को भी न लें हल्के में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलर्ट: हल्के से सिरदर्द को भी न लें हल्के में
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 04 Nov 2015 03:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पतालों की न्यूरो ओपीडी में आने वाले मरीजों में से लगभग 40 प्रतिशत सिरदर्द की शिकायत लेकर आते हैं, जबकि उन्हें पहले फिजीशियन के पास जाना चाहिए।
विज्ञापन
इसके मद्देनजर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में 21 नवंबर को हेडेक (सिरदर्द) पर नेशनल कांफ्रेंस आयोजित की जा रही है। कानपुर में पहली बार इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर की कांफ्रेंस होगी। यह जानकारी मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार ने दी।
विज्ञापन
बाल रोग विभाग के सभागार में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सिरदर्द दो तरह का होता है। पहला, प्राइमरी हेडेक, जिसमें कारण नहीं मिलता। दूसरा, रिफर्ड हेडेक, जिसमें साइनस, ट्यूमर आदि की वजह से ऐसा होता है।
विज्ञापन
बच्चों में भी सिरदर्द बढ़ रहा है, इसलिए यदि सिरदर्द के साथ उल्टियां हों, बेहोशी आ रही हो, रोशनी कमजोर हो रही हो, शरीर का एकतरफ का हिस्सा कमजोर हो रहा हो तो जल्द से जल्द फिजीशियन को दिखाना चाहिए।