लखनऊ में एक दिन में स्वाइन फ्लू के 82 मरीज मिलने से दहशत, बचने के लिए ये बरतें सावधानियां
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स्वाइन फ्लू अब कहर बरपाने लगा है। राजधानी बुरी तरह से इसकी जकड़न में है। शनिवार को केजीएमयू व पीजीआई में हुई जांच में राजधानी में एक दिन में 82 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अचानक स्वाइन फ्लू के मरीजों की चौंकाने वाली संख्या ने राजधानी में दहशत पैदा कर दी है।
एक दिन में स्वाइन फ्लू पीड़ितों की इतनी बड़ी संख्या सामने आने के बाद राजधानी में मरीजों का आंकड़ा 351 हो गया है। वहीं चार मरीजों की मौत स्वाइन फ्लू के कारण हो चुकी है। संक्रमित लोगों में एक डॉक्टर का बेटा और एक डॉक्टर भी शामिल हैं।
प्रदेश भर में अब तक जितने स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं, उनमें से करीब 54 फीसदी मामले केवल राजधानी से हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखें तो प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 640 मरीज मिले हैं। इनमें से 353 मामले केवल लखनऊ से हैं। वहीं राजधानी के बाद अब तक स्वाइन फ्लू के 53 मामलों में पुष्टि होने के बाद गाजियाबाद जिला दूसरे नंबर पर है।
अन्य अस्पतालों के डॉक्टर व उनका परिवार भी बीमार
केजीएमयू व एसजीपीजीआई बाद अब राजधानी के अस्पतालों के डॉक्टर भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। शनिवार को आई रिपोर्ट में केजीएमयू व पीजीआई संस्थान के बाद अब राजधानी के अस्पतालों के डॉक्टर में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। शनिवार को आई रिपोर्ट में लोहिया अस्पताल कैंपस में तैनात एक डॉक्टर के 13 साल के बेटे में स्वाइन फ्लू का संक्रमण पाया गया है।
वहीं दूसरी मामला राजाजीपुरम के रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल का है। यहां के 50 वर्षीय डॉक्टर भी इसकी चपेट में आ गए हैं। गौरतलब है कि केजीएमयू कैंपस, हॉस्टल से अब तक 20 से अधिक मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं पीजीआई कैंपस से 30 मरीज मिल चुके हैं।
एलडीए कॉलोनी, रायबरेली रोड व आलमबाग सबसे अधिक प्रभावित इलाके
राजधानी के बाहरी इलाके सबसे अधिक स्वाइन फ्लू की चपेट में हैं। अब तक जिन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, उनमें सबसे अधिक मरीज रायबरेली रोड से हैं। राजधानी के 351 मरीजों में से करीब 60 मरीज केवल रायबरेली रोड से हैं। वहीं स्वाइन फ्लू के मामलों में एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड दूसरे नंबर पर है। यहां से अब तक स्वाइन फ्लू के करीब 40 मरीज मिल चुके हैं। वहीं करीब 25 मरीजों में पुष्टि होने से आलमबाग इलाका स्वाइन फ्लू के मामलों में तीसरे नंबर पर है।
यहां अब तक मिले इतने मरीज
गौतम बुद्धनगर से 39, मेरठ से 36, कानपुर के 17, गोंडा से 13, गोरखपुर व बाराबंकी से 9, आगरा व बहराइच से 8, सीतापुर के 6, हापुड़ के 7, अलाहाबाद, आजमगढ़, संतकबीरनगर, बरेली व रायबरेली से 5, फैजाबाद व सुलतानपुर से 4 के अलावा अन्य जिलों से भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं।
बचने के लिए ये बरतें सावधानी
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- बाहर निकले पर एन-95 मास्क का उपयोग करें
- किसी से हाथ मिलाने व गले मिलने से परहेज करें।
- अपने मुंह व नाक को हाथ से न छुएं
- स्वाइन फ्लू पीड़ित व्यक्ति से कम से कम तीन फीट की दूरी रखें।
- हाथों को साबुन व गुनगुने पानी से धोते रहें।
- खांसी व छींक आने पर मुंह को साफ कपड़े, रुमाल, टिशु से ढकें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
- अधिक मात्रा में पानी व पेय पदार्थ पिएं
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषक आहार लें
- खुद इलाज न करें, पूरी नींद लें