स्वामी प्रसाद बोले, मायावती दलितों की नहीं निजी स्वार्थों की देवी
लोकतांत्रिक बहुजन मंच के संस्थापक स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती दलितों की देवी न होकर निजी स्वार्थों की देवी हैं। दलितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह दलितों का सिर्फ अपने स्वार्थ में उपयोग करती हैं और उनके वोटों का सौदा करती हैं।
उन्होंने कहा कि गाली भाजपा दे या बसपा वह दोनों को ही उचित नहीं मानते। गाली का जवाब गाली नहीं हो सकता है। गाली के खिलाफ धरना-प्रदर्शन छोड़कर लोगों को जनहित की राजनीति करनी चाहिए।
मौर्या मंच के पश्चिमी यूपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। मौर्य ने कहा कि दलितों का बड़प्पन कि उसने मायावती को अपनी देवी मान लिया लेकिन दलितों की इस देवी ने दलितों को कभी नहीं माना।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल से सूबे में हजारों दलितों का उत्पीड़न हुआ। दलित महिलाएं बलात्कार, दुराचार की शिकार हुईं। दलित महिलाओं की हत्या कर लाश टांग दी गई। दलित घर-बेघर किए गए। वह और पार्टी के नेता दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की बात करते रहे।
पर, दलितों की देवी ने कभी भी दलितों की पीड़ा महसूस नहीं की। कभी भी धरना-प्रदर्शन का एलान नहीं किया। लेकिन जब निजी मान-अपमान की बात आई तो धरती-पहाड़ उठा लिया। धरना-प्रदर्शन का एलान कर दिया। गाली के बदले गाली का सहारा लेना शुरू कर दिया।
अपने मुंह मियां मिट्ठू बनती हैं मायावती
उन्होंने कहा कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने वाली दलितों की देवी ने यदि दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का एलान किया होता तो उन्हें बसपा छोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
मौर्य ने कहा कि वह दलितों की देवी बनने का ढोंग करती है, दलितों को छलने का काम करती हैं। इसके सिवा कुछ नहीं करती।
मौर्य ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन की चिंता न कर आज गाली के खिलाफ धरना-प्रदर्शन हो रहा है। यह मूल्यों की राजनीति में आई कमी का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि जो बेलगाम नेता आज तानाशाह बनते जा रहे हैं, इन पर विराम लगाने की जरूरत है। उनकी 22 सितंबर की रैली इस लिहाज से बहुत अहम होगी। वह रैली की तैयारी में जहां-जहां जाएंगे मायावती की असलियत बताएंगे।
नसीमुद्दीन अमीन, कभी नहीं निकालेंगी मायावती
मौर्य ने कहा कि बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी चाहे जितनी बड़ी गलती कर दें, मायावती उन्हें निकाल सकती हैं। सिद्दीकी बसपा के अमीन हैं। मायावती उन्हें निकाल देंगी तो उनकी कमाई बंद हो जाएगी।
लखनऊ मंडल की बैठक आज, पश्चिमी यूपी का कार्यक्रम तय
मौर्य ने 22 सितंबर की रैली की तैयारी के लिए लखनऊ मंडल के वरिष्ठ नेताओं की बैठक सोमवार को बुलाई है। इसमें रैली की सफलता की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अलावा पश्चिमी यूपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक कर मंडलवार भ्रमण कार्यक्रम तय कर दिया है।
मौर्य ने बताया कि 20 अगस्त को बरेली, 21 को मुरादाबाद, 22 सहारनपुर, 23 मेरठ, 28 को कानपुर, 29 को अलीगढ़, 30 अगस्त को आगरा मंडल की बैठकें कर रैली की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। इसके अलावा दो सितंबर को झांसी और तीन सितंबर को चित्रकूट मंडल में बैठकें होंगी।