फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Swami Prasad's paths diverged: Resignation from Legislative Council accepted, said- Ram Gopal Yadav will ruin

स्वामी प्रसाद की राहें अलग: विधान परिषद से दिया इस्तीफा हुआ मंजूर, बोले- सपा को बर्बाद कर देंगे रामगोपाल यादव

Tue, 20 Feb 2024 08:56 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 20 Feb 2024 08:56 PM IST
सार

स्वामी प्रसाद मौर्य ने ने सपा और विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा मंजूर भी हो गया है। 22 फरवरी को नई दिल्ली में वह अपनी नई पार्टी का गठन करेंगे। 

विज्ञापन
Swami Prasad's paths diverged: Resignation from Legislative Council accepted, said- Ram Gopal Yadav will ruin
स्वामी प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने मंगलवार को सपा और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वे 22 फरवरी को दिल्ली में नई पार्टी का गठन करेंगे। साथ ही इंडिया गठबंधन में बने रहने का एलान भी किया है। अपने इस्तीफे के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने सपा के साथ-साथ भाजपा सरकार की नीतियों पर भी जमकर हमला बोला।

विज्ञापन


स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि 13 फरवरी को त्यागपत्र देने के बाद सपा की ओर से वार्ता की कोई पहल नहीं की गई। इसलिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहे हैं। यह पत्र उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम भी जारी किया। दूसरा पत्र विधान परिषद सभापति को भेजा, जिसमें उन्होंने कहा है कि सपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के कारण नैतिक आधार पर विधान परिषद की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे रहा हूं। मौर्य ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 22 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बैठक करके आगे की दिशा तय करेंगे और नई पार्टी का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आरक्षण को खत्म करने की साजिश कर रही है। जातिवार जनगणना की मांग को ठुकरा रही है। संविधान और लोकतंत्र को खत्म कर रही है। इंडिया गठबंधन में शामिल होकर या बाहर से समर्थन देकर सहयोग करेंगे। समय मिलने पर राहुल गांधी की न्याय यात्रा में भी शामिल होंगे।
विज्ञापन


अपनी पहल पर आए थे रामगोविंद चौधरी
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वरिष्ठ समाजवादी नेता रामगोविंद चौधरी को अखिलेश यादव ने उनके पास वार्ता के लिए नहीं भेजा था, बल्कि वह अपनी निजी पहल पर आए थे। उनका हमेशा सम्मान करता रहूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीडीए व धर्मनिरपेक्षता की खुद ही हवा निकाल रहे सपा अध्यक्ष
स्वामी ने कहा कि अखिलेश पीडीए और धर्म निरपेक्षता की हवा खुद निकाल रहे हैं। भाजपा ने भी कभी अपने कार्यालय में उस तरह से पूजा अर्चना नहीं की होगी, जिस तरह से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भगवान शालिग्राम की पूजा की।

सपा को बर्बाद करने के लिए रामगोपाल ही काफी
उन्होंने कहा कि सपा को बर्बाद करने के लिए उसके प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ही काफी हैं। राजनीति में उन्हें शिवपाल से सीख लेनी चाहिए। पल्लवी पटेल के मामले को शिवपाल ने अंदरूनी मामला बताया था, जबकि प्रो. रामगोपाल ने कहा कि राज्यसभा प्रत्याशियों को वोट न देने से पल्लवी की सदस्यता चली जाएगी। इससे दोनों (शिवपाल व रामगोपाल) की बातचीत के तरीके में अंतर समझा जा सकता है।


स्वामी के इस्तीफे से भाजपा को होगा फायदा
स्वामी प्रसाद मौर्य विधायकों के मतों से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। उनके इस्तीफा देने से यह सीट भाजपा के खाते में चली जाएगी, क्योंकि विधानसभा में भाजपा और सहयोगी दलों का बहुमत है।

स्वामी प्रसाद मौर्या का इस्तीफा मंजूर
विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने स्वामी प्रसाद मौर्य का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही उनकी सीट रिक्त हो गई।













 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed