बसपा ने चेताया, एकपक्षीय कार्रवाई से बाज आए सरकार
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बसपा ने अपने विधायक नूर सलीम राणा की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने राणा की गिरफ्तारी को राजनीतिक द्वेष भावना से प्रेरित होकर दुराग्रह पूर्ण कार्रवाई करार दिया है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि वह एकपक्षीय कार्रवाई की घटिया हरकत से बाज आए और वहां निष्पक्ष कानूनी कार्यवाही कराए।
बसपा प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने कहा कि 30 अगस्त को एक पक्ष ने नमाज से ठीक पहले दूसरे पक्ष की ओर से 31 अगस्त की आहूत पंचायत को टलवाने के लिए ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा था।
इस मौके पर सपा के प्रदेश सचिव राशिद सिद्दीकी, नगर अध्यक्ष अंसार आढ़ती, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ साजिद हसन व अन्नू, बाबू, मुन्ने, नदीम, बदरकुरैशी सभासद आदि व कांग्रेस के सईदुज्जमा पूर्व मंत्री व सलमान रईस के अलावा बसपा के सांसद कादिर राणा व विधायक नूर सलीम राणा व जमील अहमद आदि भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के अनुसार डीएम व एसएसपी ने आकर ज्ञापन लिया। तब किसी तरह की कार्यवाही की जरूरत नहीं महसूस की गई।
अब जबकि प्रशासन ने मांग के अनुरूप कार्यवाही नहीं की और पंचायत के बाद में महापंचायत का मौका उपलब्ध कराया, हालात बिगड़े तो अब गलत तरीके से कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस कार्यवाही में भी पक्षपात किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि वहां मौजूद रहने की वजह से बसपा विधायक की गिरफ्तारी होती है तो वहां मौजूद रहे सपा व कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है?
मौर्य ने कहा कि मुजफ्फरनगर का दंगा सपा सरकार का गलतियों, नाकामियों और भाजपा की साजिश का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, सरकार को कानूनी कार्यवाही में भेदभाव नहीं करना चाहिए।