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वरिष्ठ साहित्यकार सूर्य प्रसाद दीक्षित व हरिशंकर मिश्र को मिला उत्तर प्रदेश भाषा सम्मान
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान की ओर से बुधवार को मैथिलीशरण गुप्त जयंती और सम्मान समारोह 2022 का आयोजन बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में किया गया। इसमें लविवि हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित और प्रोफेसर हरिशंकर मिश्र को उत्तर प्रदेश भाषा सम्मान अलंकृत किया गया। इसके अलावा देश के 16 साहित्यकारों को शब्द शिल्पी सम्मान से नवाजा गया।
समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विद्वानों को बधाई दी। साथ ही कहा कि मैथिलीशरण गुप्त का साहित्य स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान के भारत का नवनिर्माण करने में सक्षम है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य अश्वनी त्यागी ने उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यों की सराहना की। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देकर, व्यावसायिक विषयों को मातृभाषा में लिखने पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रीय भावना के गायक और नारी स्वाभिमान के रक्षक थे। भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राज नारायण शुक्ल ने संस्थान की उपलब्धियां बताईं।
आलोक यात्री सहित 16 को शब्द शिल्पी सम्मान
संस्थान की ओर से 16 साहित्यकारों को शब्द शिल्पी सम्मान दिया गया। इनमें लखनऊ से प्रो. पवन अग्रवाल, प्रो. श्रुति, गाजियाबाद से आलोक यात्री, सुभाष चंद्र, उर्विजा शर्मा, नोएडा से अमित शर्मा, वाराणसी से डॉ. वंदना, डॉ. देवी प्रसाद तिवारी, मेरठ से डॉ. शुभम त्यागी, गोविंद चंद्र लोहनी, बाराबंकी से डॉ. विजय कुमार वर्मा, बरेली से डॉ. मनु प्रताप सिंह, औरैया से प्रो. डीपी सिंह, भोपाल से प्रो. आनंद कुमार सिंह प्रमुख हैं।
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समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विद्वानों को बधाई दी। साथ ही कहा कि मैथिलीशरण गुप्त का साहित्य स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर वर्तमान के भारत का नवनिर्माण करने में सक्षम है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य अश्वनी त्यागी ने उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यों की सराहना की। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देकर, व्यावसायिक विषयों को मातृभाषा में लिखने पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त राष्ट्रीय भावना के गायक और नारी स्वाभिमान के रक्षक थे। भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राज नारायण शुक्ल ने संस्थान की उपलब्धियां बताईं।
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आलोक यात्री सहित 16 को शब्द शिल्पी सम्मान
संस्थान की ओर से 16 साहित्यकारों को शब्द शिल्पी सम्मान दिया गया। इनमें लखनऊ से प्रो. पवन अग्रवाल, प्रो. श्रुति, गाजियाबाद से आलोक यात्री, सुभाष चंद्र, उर्विजा शर्मा, नोएडा से अमित शर्मा, वाराणसी से डॉ. वंदना, डॉ. देवी प्रसाद तिवारी, मेरठ से डॉ. शुभम त्यागी, गोविंद चंद्र लोहनी, बाराबंकी से डॉ. विजय कुमार वर्मा, बरेली से डॉ. मनु प्रताप सिंह, औरैया से प्रो. डीपी सिंह, भोपाल से प्रो. आनंद कुमार सिंह प्रमुख हैं।
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