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यूपी में कंटेनमेंट जोन में सर्वेक्षण की गाइडलाइन बदली, ये होंगे नए नियम

Sat, 27 Jun 2020 10:44 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 27 Jun 2020 10:44 AM IST
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Survey guidelines changed in UP in Containment Zone
फाइल फोटो - फोटो : PTI
शासन ने कंटेनमेंट जोन में सर्वेक्षण की गाइडलाइन में बदलावा किया है। शहरी, ग्रामीण क्षेत्र व बहुमंजिला भवन के लिए के लिए अलग-अलग गाइडलाइन बनाई गई है। बड़े शहरों में 800 टीमें, मध्यम शहरों में 600 और छोटे शहरों में 400 टीमें सर्वेक्षण के लिए लगाई जाएंगी। मरीजों की संख्या बढ़ने पर इसमें बदलाव संभव है। 
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मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सभी जिलों को ये दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार किसी क्षेत्र में एक या एक ही घर में अनेक कोराना पॉजिटिव मिलने पर उस घर को केंद्र मानकर 250 मीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। किसी क्षेत्र में एक से अधिक केस पर 500 मीटर का दायरा कंटेनमेंट होगा। 
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इसके बाद 250 मीटर का दायरा बफर जोन होगा। बहुमंजिला भवन में एक तल पर केस मिलने पर वह फ्लोर कंटेनमेंट जोन होगा और वहां नए मरीजों के लिए स्क्रीनिंग होगी। यदि एक से अधिक तल पर मरीज मिले तो संबंधित टॉवर को कंटेनमेंट जोन बना आगे की कार्रवाई होगी। 
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ग्रामीण क्षेत्र में एक केस आने पर राजस्व ग्राम के संबंधित मजरे की आबादी के निवास क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। गांव में एक से अधिक केस पर उसे राजस्व ग्राम के संबंधित मजरे के निवास क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। गांव के अगल-बगल पड़ने वाले दूसरे राजस्व ग्रामों के मजरे बफर जोन में आएंगे। 
 

औसत जनसंख्या के अनुसार 250 मीटर दायरे के क्षेत्र में लगभग 300 घर होंगे। 500 मीटर के दायरे में लगभग 1200 घर आएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमित मिलने पर मरजे की आबादी के अनुसार टीमें ऐसे लगाई जाएंगी कि कंटेनमेंट जोन के रूप में चिह्नित पूरे क्षेत्र में कार्य एक दिन में पूरा हो जाए। 

नगरीय क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन के 300 घरों को एक दिन में आच्छादित करने के लिए कम से कम उस क्षेत्र में तीन टीमें लगाई जाएंगी। एक से अधिक वाले कंटेनमेंट जोन में 500 मीटर दायरे के 1200 घरों को कवर करने के लिए 12 टीमें लगाई जाएंगी, जिससे कि एक टीम लगभग 100 घरों का भ्रमण कर सके। 


यहां बनेंगी 800 टीमें 
नोएडा, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, रामपुर, जौनपुर, हापुड़ व बुलंदशहर 

यहां बनेंगी 600 टीमें 
बागपत, बदायूं, हाथरस, मथुरा, मैनपुरी, शाहजहांपुर, इटावा, औरैया, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, चंदौली, महोबा, ललितपुर। 
बचे जिलों में 400-400 टीमें बनाई जाएंगी।  

प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए रिकॉर्ड 19387 नमूनों की जांच की गई। इसका नतीजा यह हुआ कि 762 मरीज सामने आए। इससे पहले 19 जून को जब 817 मरीज सामने आए थे, तब भी 17221 नमूनों की जांच हुई थी। 24 जून को 15113 नमूनों की जांच हुई थी और 700 पॉजिटिव मरीज सामने आए थे।  

रैपिड एंटीजन टेस्टिंग बढ़ाई जाएः योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड-19 से बचाव के संबंध में जागरूकता के लिए लगातार प्रयास किए जाएं। सभी सरकारी व निजी चिकित्सालयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाए। उन्होंने रैपिड एंटीजन टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दिया। इससे कम समय में सैंपल के जांच परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कोविड व नॉन कोविड चिकित्सालयों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कहा कि लगातार संवाद बनाकर इन अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। मेडिकल इन्फेक्शन रोकने के लिए चिकित्साकर्मियों को सभी सावधानियों की जानकारी दी जाए। 
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