फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   surplus teachers to be appointed in schools where there is no teachers.

यूपी: 65 हजार सरप्लस शिक्षकों को तैनाती देकर दूर करेंगे टीचर्स की कमी

Mon, 19 Jun 2017 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 19 Jun 2017 02:09 AM IST
विज्ञापन
surplus teachers to be appointed in schools where there is no teachers.

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 65 हजार शिक्षक मानकों के विपरीत तैनात हैं। जुलाई-अगस्त में होने वाले समायोजन और तबादलों के दौरान इन सरप्लस शिक्षकों को हटाकर शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में तैनात किया जाएगा।

विज्ञापन


बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के तहत परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित मानक के अनुरूप ही छात्र-शिक्षक अनुपात रखा जाएगा।
विज्ञापन


आरटीई के मानक के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35:1 है। यानी प्राथमिक विद्यालयों में 30 विद्यार्थियों पर कम से कम एक शिक्षक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निदेशालय की ओर से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की तुलना में कार्यरत शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि ग्रामीण विद्यालयों में आरटीई के निर्धारित मानकों के विपरीत विद्यार्थियों की संख्या की तुलना में 65 हजार से अधिक शिक्षक तैनात हैं।

शिक्षकों के पद खाली नहीं, सरप्लस में हैं

surplus teachers to be appointed in schools where there is no teachers.

बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जुलाई-अगस्त में तबादलों के दौरान इन सरप्लस शिक्षकों को उन स्कूलों में तैनात किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। उन्होंने कहा कि आरटीई मानकों के अनुसार शिक्षकों के पद खाली नहीं हैं, बल्कि सरप्लस शिक्षक हैं।

परिषद ने 46 हजार पद खाली बताए
बेसिक शिक्षा परिषद की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ग्रामीण प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों  के 46,560 पद रिक्त हैं। प्रधानाध्यापक के 86,560 पदों में 72,171 भरे हैं जबकि 14,389 पद खाली हैं। वहीं, सहायक अध्यापकों के 3,14,131 पदों के मुकाबले 2,81,960 भरे हैं, जबकि 32,171 पद खाली हैं।

तबादला नीति में तय हुआ
बेसिक शिक्षा विभाग की जिले के अंदर के लिए निर्धारित समायोजन एवं स्थानांतरण नीति में मानक तय किया गया है। इसके अनुसार विद्यालय में अध्यापक-छात्र अनुपात 1:40 से अधिक और 1:20 से कम नहीं हो। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानांतरण के बाद कोई विद्यालय एकल न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed