ट्रेन में अब एक ट्वीट पर बन रहे हैं काम, ये ताजा मामला
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ट्रेनों में सफर के दौरान जहां गर्भवती को प्रसव पीड़ा में भी इलाज मिलना मुश्किल होता था वहीं अब एक ट्वीट पर बुखार से पीड़ित यात्री को दो-दो स्टेशनों पर इलाज मिल रहा है। नया मामला बुधवार का है।
गोरखपुर के दिलीप कुमार 12592 गोरखपुर एक्सप्रेस के एसी कोच बी-3 की 16 नंबर सीट पर सवार होकर घर के लिए निकले। रास्ते में भारी बुखार के चलते उन्हें उल्टियां होने लगीं और शरीर पस्त पड़ गया।
इस पर उन्होंने उरई के आसपास अपने मित्र डॉ. आकाश दुबे को फोन करके समस्या बताई। डॉ. आकाश ने उनकी समस्या को सुनने के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा को ट्वीट पर इसकी सूचना दी।
कानपुर स्टेशन पर मिली दवाइयां
जीएम ने तुरंत कार्रवाई के लिए इस ट्वीट को एनसीआर के अलावा लखनऊ डिवीजन के डीआरएम को भेजने के साथ ही चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। इसके बाद रेलवे का तंत्र सकिय हुआ।
कानपुर में आते ही दिलीप कुमार को डॉक्टर ने अटेंड किया और दवाइयां मुहैया कराईं। इसके करीब तीन घंटे बाद ट्रेन जब पूर्वोत्तर रेलवे के बादशाहनगर स्टेशन पर आई तो एक बार फिर मेडिकल स्टाफ ने उनकी जांच की। इस तरह की सुविधा मिलने पर दिलीप कुमार के अलावा डॉ. आकाश दुबे ने रेल अफसरों को धन्यवाद दिया।
वेटिंग टिकट से गोरखपुर से सवार हुए एक यात्री मयंक शुक्ला ने अपनी कंफर्म टिकट और परिजनों की वेटिंग टिकट होने के चलते डीआरएम आलोक कुमार से ट्वीट करके यह सवाल पूछा कि क्या वे साथ में यात्रा कर सकते हैं। इस पर डीआरएम ने वेटिंग टिकट लेकर सिर्फ जनरल कोच में यात्रा करने की बात कही।