भाजपा कार्यकर्ता से अखिलेश यादव को नहीं, सपा से पूरे समाज को खतरा : संसदीय कार्यमंत्री
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संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री रहे हैं, एक दल के अध्यक्ष हैं, उनका सम्मान करते हैं। किसी भाजपा कार्यकर्ता से उन्हें कोई खतरा नहीं है, पर सपा से पूरे समाज को खतरा है।
खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। उनकी सुरक्षा में 182 लोग तैनात हैं। इनमें एक अपर पुलिस अधीक्षक, एक पुलिस उपाधीक्षक, 6 निरीक्षक, 13 उप निरीक्षक, 14 मुख्य आरक्षी और 21 आरक्षी के अलावा कोबरा कमांडो, पीएसी की संतरी पोस्ट शामिल हैं।
कन्नौज में अखिलेश यादव जब भाषण में सपा सरकार बनने पर समाजवादी पेंशन की राशि तीन गुनी करने की घोषणा कर रहे थे तो एक व्यक्ति ने बेरोजगारों के लिए कुछ बोलने को कहा। इस पर सपाइयों ने उसे पकड़ लिया और धक्का-मुक्की की। तब उसने जय श्रीराम का नारा लगाया।
पुलिस उसे बाहर ले गई और शांति भंग में चालान किया। इसी सभा में अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें फोन पर धमकी दी गई है। अब इसको लेकर चुप हैं, लेकिन जल्द ही मामले को सार्वजनिक करेंगे। यदि हमारे कार्यकर्ता मारते या कुछ गलत करते तो एफआईआर हमारे ऊपर होती।
'बड़े नेताओं की मीटिंग में ऐसा हो जाता है'
सुरेश खन्ना ने कहा कि नौजवान ने अखिलेश यादव से सवाल किया था। बड़े नेताओं की मीटिंग में ऐसा हो जाता है। छोटी-सी घटना को नेता प्रतिपक्ष ने इतना बड़ा बना दिया। सांविधानिक पदों पर रहे लोगों को अपनी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए कि किन बातों का संज्ञान लें और किनका नहीं। जनप्रतिनिधि से जनता सवाल पूछती है।
सुरक्षा तो इंदिरा व राजीव गांधी की भी थी : रामगोविंद
सपा अध्यक्ष की इतनी बड़ी सुरक्षा है फिर उन्हें खतरा कैसे हो गया? इस पर रामगोविंद ने कहा कि सरकार ने तथ्यों से परे उत्तर दिया है। सुरक्षा तो इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की भी थी, पंजाब के मुख्यमंत्री की भी थी, लेकिन उनकी हत्या हो गई।