{"_id":"f1e81aea0b1e5812ed24f97c5afa3ba3","slug":"supreme-court-action-against-sp-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"फटकार के बाद सुधरी सपा सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फटकार के बाद सुधरी सपा सरकार
विष्णु मोहन/लखनऊ
Updated Tue, 26 Nov 2013 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर एवं शामली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान बेघर हुए लोगों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने नई संशोधित अधिसूचना जारी की है।
विज्ञापन
पहले जारी अधिसूचना में सिर्फ मुस्लिम विस्थापित परिवारों को पांच लाख रुपये प्रति परिवार के हिसाब से सहायता का प्रावधान किया गया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने संशोधित शासनादेश जारी कर दिया।
इसके तहत सभी विस्थापितों को समान रूप से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुजफ्फरनगर व शामली में सितंबर में सांप्रदायिक तनाव और दंगे के दौरान हजारों लोग अपने-अपने घरों से पलायन करने पर मजबूर हो गए थे।
मेट्रो बनी कंपनी, उस्मानी पहले चेयरमैन
विज्ञापन
ऐसे परिवारों को विभिन्न जिलों में बनाए गए शिविरों में रोका गया था। सरकार ने 26 अक्तूबर को बेघरों के पुनर्वास के लिए हर परिवार को पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया था।
विज्ञापन
लेकिन इसके लिए जारी शासनादेश में केवल मुस्लिम विस्थापित परिवारों को ही सहायता देने का प्रावधान किया गया था।
इसके लिए सरकार ने 90 करोड़ रुपये जारी किए थे। शासनादेश में मुस्लिम परिवारों का उल्लेख करने से हिंसा में बेघर हुए किसी अन्य वर्ग के परिवार को यह राहत नहीं मिल पा रही थी।
पिछले दिनों जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो वहां राज्य सरकार को जमकर फटकार लगी।
कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि दंगे में विस्थापित होने वाले सभी परिवारों को राहत राशि पाने का अधिकार है।
सरकार की ओर से कोर्ट को यह आश्वासन दिया गया कि सभी विस्थापितों को पुनर्वास के लिए सहायता दी जाएगी।
न्यायालय के समक्ष दिए गए आश्वासन के क्रम में मंगलवार को राज्य सरकार ने अपने पूर्व के शासनादेश में संशोधन करते हुए नया शासनादेश जारी कर दिया।
विशेष सचिव गृह एके मिश्रा ने इसकी औपचारिक जानकारी देते हुए बताया कि मुजफ्फरनगर एवं शामली में हिंसा में विस्थापित सभी परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा, अगर कोई परिवार राहत राशि लेने के बाद भविष्य में अपने गांव या घर वापस लौट जाता है तो उसे सरकारी सहायता की रकम वापस करनी होगी।
अगर वह ऐसा नहीं करता है तो यह रकम उससे भू-राजस्व की भांति वसूल की जाएगी।