फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Suna Hai Kya: Khaki's failed attempt to hide its failure, the agency's past exploits are in the news

Suna Hai Kya: खाकी की नाकामी छिपाने की नाकाम कोशिश, एजेंसी के पुराने कारनामे चर्चा में, अहम पड़ रहा भारी

Sun, 07 Jun 2026 12:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sun, 07 Jun 2026 12:35 PM IST
सार

यूपी सरकार के लिए कानून व्यवस्था प्राथमिकता है पर ऐसे समय में खाकी की कार्रवाई पर सवाल भी खूब उठ रहे हैं जिस पर पर्दा डालने की कोशिश जारी है।  पढ़ें, ये किस्से: 

विज्ञापन
Suna Hai Kya: Khaki's failed attempt to hide its failure, the agency's past exploits are in the news
- फोटो : सोशल मीडिया से

विस्तार

यूपी सरकार के लिए कानून व्यवस्था प्राथमिकता है पर ऐसे समय में खाकी की कार्रवाई पर सवाल भी खूब उठ रहे हैं जिस पर पर्दा डालने की कोशिश जारी है। वहीं, एक एजेंसी के कारनामों की भी खूब चर्चा हो रही है। इसके अलावा, एक अन्य विभाग में एक नौकरशाह का अहम भारी पड़ रहा है। पढ़ें, ये किस्से: 

विज्ञापन


नाकामी छिपाने की नाकाम कोशिश
पूर्वांचल के एक जिले में कारोबारी की नृशंस हत्या ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। दबाव बढ़ा तो कप्तान और उनकी टीम हरकत में आई। काफी मशक्कत के बाद एक आरोपी का एनकाउंटर कर दिया। मंशा थी अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की। हालांकि, दांव उल्टा पड़ गया। एनकाउंटर के बाद हालात ऐसे बिगड़े कि पुलिस को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। पथराव तक हो गया। नतीजा यह हुआ कि जिस मामले में कानून व्यवस्था कटघरे में थी, वह दूसरी बार सवालों के घेरे में आ गई। अब साहब और उनकी टीम नए-नए तकों व रणनीतियों के सहारे नुकसान की भरपाई में जुटी है।
विज्ञापन


जाने क्या-क्या किया क्रैक
एक एजेंसी के पुराने कारनामों की खूब चर्चा है। घोटालेबाजों को पकड़ने के उसके तथाकथित फॉर्मूले ने कभी खूब वाहवाही बटोरी थी लेकिन अब उसी फॉर्मूले की परतें खुलने लगी हैं। जांच आगे बढ़ रही है तो कई चेहरे बेनकाब होने की आशंका बढ़ गई है। खासतौर पर उन मामलों को खंगाला जा रहा है जिनमें सरकार को ही करोड़ों का चूना लगा। चर्चा है कि इस खेल में नीचे से ऊपर तक कई लोग मलाई काटते रहे और कुछ मलाई खाकर विभाग से विदा भी हो गए। अब पुरानी फाइलों की धूल झाड़ने का काम शुरू हुआ है तो कई अफसरों की बेचैनी बढ़ गई है। देखना है कि जांच की आंच कहां तक पहुंचती है?
विज्ञापन
विज्ञापन


अहम की भेंट चढ़ रही कल्याणकारी नियमावली
चुनावी वर्ष में छात्रों से जुड़ी कल्याणकारी नियमावली व्यक्तिगत अहम की भेंट चढ़ रही है। मंत्रीजी ने नियमावली आगे बढ़वा दी है लेकिन अहम पद पर विराजमान एक नौकरशाह का कहना है कि वह इसे मंजूर नहीं होने देंगे। भले ही इसके लिए पद से हटना क्यों न पड़ जाए। वित्त वर्ष के बीच में चुनाव आचार संहिता लगनी है, सो यह देरी छात्रों के हित पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल व्यक्तिगत अहम की संतुष्टि का कोई रास्ता भी निकलता नहीं दिख रहा है।

आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed