रामजन्मभूमि पर फैसले के लिए अयोध्या पूरी तरह तैयार, अंबेडकरनगर में बनाई गईं आठ अस्थाई जेल
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अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट से आने वाले संभावित फैसले के दौरान सुरक्षा का ताना-बाना बुन दिया गया है। एक संदेश पर पूरे जिले को सील करने की पूरी तैयारी है। बगैर प्रशासन की अनुमति कोई भी व्यक्ति अंदर दाखिल नहीं हो सकेगा। अयोध्या के रेड जोन स्थित विवादित परिसर की पुख्ता किलेबंदी की रणनीति है। बगैर हो-हल्ला फोर्स को शहर के बाहर-बाहर गंतव्य के लिए भेजा जा रहा है। इसके अलावा पड़ोसी जिले में आठ अस्थाई जेल बनाई गई हैं। यह सभी जेलें कॉलेजों में बनाई गई हैं।
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 100 से ज्यादा स्कूलों में सुरक्षा बलों को ठहराया गया है। साथ ही 100 कंपनी और फोर्स की मांग भी की गई है। जिले में खुफिया का जाल बिछने के साथ ही ऐंटीसेबोटाज जांच और क्विक रिस्पांस टीमें (क्यूआरटी) सक्रिय होंगी।
शांत अयोध्या अपनी रौ में है, हर जगह सद्भाव की भी बयार है। मेले का दौर चरम पर है। श्रद्धालुओं की भीड़ में फैसले की चर्चा सबसे अधिक है। दिल्ली तक की नजर अयोध्या पर है, फैसले को लेकर प्रशासनिक गलियारे में हलचल है।
बगैर प्रशासन की अनुमति के बाहर से अंदर आना होगा मुश्किल
फैसले के दौरान सुरक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अयोध्या की सुरक्षा को लेकर ताना-बाना बुना जा चुका है। अयोध्या जिले को चार जोन रेड जोन, येलो जोन, ग्रीन जोन और ब्लू जोन में बांट दिया गया।
इनमें प्रथम दृष्टया 48 सेक्टर और इतने ही सब सेक्टर बनाए जाने का प्रस्ताव है। आवश्यकता के अनुरूप इनकी संख्या घट-बढ़ सकती है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए जाने हैं।
ब्लू जोन जिले के सबसे बाहर की परिधि पर है तो ग्रीन जोन उसके अंदर का क्षेत्र है। येलो जोन रामनगरी अयोध्या है तो रेड जोन विवादित परिसर वाला क्षेत्र है। सूत्र बताते हैं कि फैसले को लेकर बनाई गई व्यूह रचना में बाहर से अंदर के जोन की ओर जैसे-जैसे बढ़ेंगे, सुरक्षा घेरा सख्त होता जाएगा।
बगैर प्रशासन की अनुमति के बाहर से अंदर आना असंभव नहीं तो कठिन बहुत होगा। इसके लिए ब्लू जोन की बाहरी परिधि अर्थात गैरजनपदों अमेठी, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, गोंडा को जाने वाली सड़कों पर आठ से ज्यादा बैरियर लगाए जा रहे हैं।
अब तक तीन हजार हो चुके हैं पाबंद
अमेठी के सैदपुर, बारांबकी के मवई क्षेत्र सहित कई अन्य बैरियरों पर सुरक्षा बलों के साथ वाहनों की चेकिंग भी शुरू करा दी गई है। इसी तरह इसके अंदर ग्रीन जोन में भी व्यवस्था बताई गई है। येलो जोन अर्थात रामनगरी में प्रवेश के सभी रास्तों पर पहले से बैरियर सुरक्षा बलों के हवाले रहते हैं।
अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद जिले की शांति भंग न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। थानेवार हिस्ट्रीशीटर अपराधी, मनबढ़ और अराजक तत्वों की सूची तैयार की जा चुकी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद अब इनको धारा 107/16 व 151 के तहत पाबंद किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले के 12 ग्रामीण और 5 शहरी इलाकों के थानों में प्रतिदिन 5 से 10 लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद किया जा रहा है।
कुल मिलाकर अब तक करीब तीन हजार लोगों को पाबंद किया जा चुका है। एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सभी थानों के बीट दरोगा व आरक्षी जुटे हैं। संदिग्धों को पाबंद कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पैरामिलिट्री फोर्स की हुई तैनाती
पंचकोसी परिक्रमा गुरूवार सुबह से शुरू हुई। इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का कड़ा जाल बुना है। बुधवार शाम को ही मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर उन्हें निर्धारित स्थानों पर तैनात कर दिया गया।
परिक्रमा के दौरान करीब 15 किमी. की अयोध्या की परिधि में एटीएस, आरएएफ, सीआरपीएफ, पीएसी व पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों, एंटी रोमियो स्कवॉयड, सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी संदिग्धों पर निगाह रखी जाएगी।
एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि मेला क्षेत्र में सीआरपीएफ, आरएएफ, पीएसी व पुलिस बल के साथ एटीएस की तैनाती की गई है। इसके अलावा सादी वर्दी में पुलिस के जवान, एलआईयू समेत अन्य खुफिया एजेंसियां भी भीड़ में शामिल होकर संदिग्ध व अराजकतत्वों पर निगाह रखेंगी।
पूरे मेला क्षेत्र की सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से भी निगहबानी की जाएगी।